Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Eye Health Passport-अब आंखों की सेहत का भी बनेगा पासपोर्ट, संभालकर रखें अपनी रोशनी का रिकॉर्ड

एम्स भोपाल 8 अक्टूबर को विश्व दृष्टि दिवस पर ‘आई हेल्थ पासपोर्ट’ की शुरुआत करेगा। मध्यप्रदेश के पहले 100 मरीजों को यह सुविधा मिलेगी। विजन टेस्ट, एनसीटी और ऑटोरैफ जांच नि:शुल्क होगी। पहल का उद्देश्य आंखों की नियमित जांच को बढ़ावा देना और स्क्रीन के बढ़ते इस्तेमाल से होने वाली समस्याओं के प्रति जागरूक करना है।
Eye Health Passport-अब आंखों की सेहत का भी बनेगा पासपोर्ट, संभालकर रखें अपनी रोशनी का रिकॉर्ड
फाइल फोटो

भोपाल। अब तक पासपोर्ट का नाम सुनते ही विदेश यात्रा और पहचान से जुड़े दस्तावेज का ख्याल आता है, लेकिन एम्स भोपाल 8 अक्टूबर को आंखों की सेहत से जुड़ा ‘आई हेल्थ पासपोर्ट’ जारी करने जा रहा है। विश्व दृष्टि दिवस पर शुरू की जा रही इस पहल के तहत आंखों की जांच से जुड़े जरूरी आंकड़ों को एक जगह सुरक्षित रखा जा सकेगा। मध्यप्रदेश के मूल निवासियों में नेत्र ओपीडी पहुंचने वाले पहले 100 मरीजों को यह सुविधा दी जाएगी। खास बात यह है कि मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए लंबी कतार में लगने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे वॉक-इन के जरिए ओपीडी में पहुंचकर जांच करा सकेंगे। यह जानकारी शुक्रवार को एम्स में आयोजित कार्यक्रम में नेत्र रोग विशेषज्ञों ने दी। विशेषज्ञों ने बताया कि मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी की स्क्रीन पर लगातार नजरें टिकाए रखने से आंखों में थकान, जलन और धुंधला दिखने जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। कई लोग परेशानी बढ़ने के बाद ही नेत्र जांच कराते हैं। इसी आदत को बदलने और लोगों को नियमित जांच के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आई हेल्थ पासपोर्ट की शुरुआत की जा रही है। इसके साथ पहले 100 मरीजों की विजन टेस्ट, एनसीटी और ऑटोरैफ जांच भी नि:शुल्क होगी।

तीन जांचों से समझें आंखों की सेहत

विजन टेस्ट: इससे देखने की क्षमता और चश्मे के नंबर की शुरुआती जानकारी मिलेगी।

एनसीटी: नॉन-कॉन्टैक्ट टोनोमेट्री में आंख को बिना छुए उसके अंदरूनी दबाव की जांच की जाएगी। यह ग्लूकोमा यानी काला पानी की शुरुआती स्क्रीनिंग में उपयोगी है।

ऑटोरैफ: ऑटोरैफ मशीन से आंखों के रिफ्रैक्शन और दृष्टि दोष की स्वचालित जांच होगी। इन जांचों से आंखों की मौजूदा स्थिति की शुरुआती जानकारी मिलेगी। जरूरत पड़ने पर मरीज को आगे विशेषज्ञ से परामर्श लेने की सलाह दी जाएगी।

ये भी पढ़ें: एम्स भोपाल में मरीजों के लिए बड़ी सुविधा, व्हाट्सएप चैटबॉट से मिलेंगी OPD समेत 10 सेवाएं

रोजमर्रा की आदतों से रखें आंखें स्वस्थ

एम्स ने स्क्रीन का अधिक इस्तेमाल करने वालों को 20-20-20 नियम अपनाने की सलाह दी है। हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए करीब 20 फीट दूर देखना चाहिए। पर्याप्त नींद लेने के साथ भोजन में विटामिन ए, सी, ई और ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी गई है। तेज धूप में यूवी सुरक्षा वाला चश्मा पहनें। पढ़ते या स्क्रीन देखते समय आंखों और स्क्रीन के बीच उचित दूरी रखें और कमरे में पर्याप्त रोशनी रखें। लगातार जलन, धुंधलापन या देखने में परेशानी होने पर नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।

ये भी पढ़ें: भोपाल में GMC के बाद AIIMS में भी टॉक्सिक कल्चर, 36 घंटे की ड्यूटी और हफ्ते में 160 घंटे काम का दावा

आंखों की देखभाल के लिए 5 जरूरी बातें

  • साल में कम से कम एक बार नेत्र जांच कराएं।
  • मोबाइल-कंप्यूटर के इस्तेमाल के दौरान 20-20-20 नियम अपनाएं।
  • हरी सब्जियां, फल, सूखे मेवे और पौष्टिक आहार लें।
  • तेज धूप में यूवी सुरक्षा वाला चश्मा इस्तेमाल करें।
  • आंखों में लगातार परेशानी हो तो खुद दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ से जांच कराएं।
Devendra shakya
By Devendra shakya

Latest Posts