Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

ऑफिस जाने वाले हो जाएं सावधान!साल में 3 हेल्थ चेकअप बचा सकते हैं, दिल और डायबिटीज की बीमारियाें का खतरा

ऑफिस में काम करने वाले लोगों में दिल की बीमारी, डायबिटीज और तनाव के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, साल में तीन बार हेल्थ चेकअप कराने और डॉक्टर की सलाह लेने से गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।
साल में 3 हेल्थ चेकअप बचा सकते हैं, दिल और डायबिटीज की बीमारियाें का खतरा
एक्सपर्ट्स के अनुसार, साल में तीन बार हेल्थ चेकअप कराने और डॉक्टर की सलाह लेने से गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग काम के दबाव, तनाव और खराब खानपान की वजह से अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते। खासकर ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों में दिल की बीमारी, डायबिटीज और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में एक नई रिपोर्ट ने कर्मचारियों की सेहत को लेकर बड़ी बात कही है।

साल में 3 हेल्थ चेकअप से हो सकता है फायदा

रिपोर्ट के मुताबिक, जो कर्मचारी साल में कम से कम तीन बार हेल्थ चेकअप कराते हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत दूसरे लोगों के मुकाबले काफी कम पड़ती है। समय-समय पर जांच कराने से बीमारी का जल्दी पता चल जाता है और इलाज भी समय पर शुरू हो सकता है।

सिर्फ जांच नहीं, डॉक्टर की सलाह भी जरूरी

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई लोग हेल्थ चेकअप तो करा लेते हैं, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर से सलाह नहीं लेते। आधे से ज्यादा कर्मचारी जांच के बाद कोई इलाज या फॉलो-अप नहीं कराते। ऐसे में बीमारी बढ़ने का खतरा बना रहता है। इसलिए सिर्फ टेस्ट कराना ही नहीं, बल्कि डॉक्टर की सलाह मानना और इलाज जारी रखना भी जरूरी है।

ये भी पढ़ें: जब दोस्ती बनी मोटिवेशन, तीन दोस्तों ने एक साथ पास की UPSC, पूरा किया अफसर बनने का सबसे बड़ा सपना

तेजी से बढ़ रही हैं दिल और डायबिटीज की बीमारियां

एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऑफिस में काम करने वाले लोगों में दिल की बीमारियों और डायबिटीज के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कम उम्र के लोग भी हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह लंबे समय तक बैठे रहना, तनाव, नींद की कमी और अनियमित खानपान मानी जा रही है।

उम्र के साथ बदल रही हैं स्वास्थ्य समस्याएं

रिपोर्ट में बताया गया है कि अलग-अलग उम्र के कर्मचारियों की स्वास्थ्य समस्याएं भी अलग हैं। युवा कर्मचारियों में तनाव और चिंता ज्यादा देखी जा रही है। वहीं 30 से 40 साल के लोगों में काम का दबाव, थकान और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। अधिक उम्र के कर्मचारियों में पुरानी बीमारियों का खतरा ज्यादा रहता है।

ये भी पढ़ें: मुंडे सिर में दिखे हार्दिक पंड्या, आखिर क्या मांगी मन्नत, फैंस को दिया सबसे बड़ा सरप्राइज

कंपनियों को भी निभानी होगी जिम्मेदारी

डॉक्टरों का कहना है कि कंपनियों को सिर्फ हेल्थ चेकअप कराने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कर्मचारियों को समय-समय पर डॉक्टर की सलाह, फॉलो-अप और जरूरी स्वास्थ्य सहायता भी मिलनी चाहिए। अगर समय रहते छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो कई बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

Latest Posts