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क्या आपकी भी बोन डेंसिटी कम हो रही है? जानें हड्डियां कमजोर होने की वजह

बोन डेंसिटी हड्डियों की मजबूती का अहम पैमाना है। उम्र, कम शारीरिक गतिविधि और कैल्शियम-विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। जानें बोन डेंसिटी क्या है, ऑस्टियोपीनिया और ऑस्टियोपोरोसिस में क्या अंतर है, हड्डियों की कमजोरी के संकेत क्या हैं और खानपान व एक्सरसाइज से बोन हेल्थ का ध्यान कैसे रखें।
क्या आपकी भी बोन डेंसिटी कम हो रही है? जानें हड्डियां कमजोर होने की वजह
क्या आपकी बोन डेंसिटी कम हो रही है? जानें क्यों कमजोर होती हैं हड्डियां और कैसे करें बचाव।

हड्डियां शरीर को सहारा देती हैं और चलने-फिरने में मदद करती हैं। लेकिन उम्र, खानपान और कम शारीरिक गतिविधि के कारण इनकी मजबूती धीरे-धीरे कम हो सकती है। हड्डियों में मौजूद खनिजों की मात्रा को बोन डेंसिटी कहा जाता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए हड्डियों की सेहत को समझना और समय रहते ध्यान देना जरूरी है।

बोन डेंसिटी क्या होती है?

बोन डेंसिटी यानी हड्डियों में मौजूद खनिजों की मात्रा। इनमें मुख्य रूप से कैल्शियम और फॉस्फोरस शामिल होते हैं। ये खनिज हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करते हैं। जब बोन डेंसिटी कम होने लगती है, तो हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। इसकी शुरुआती स्थिति को ऑस्टियोपीनिया कहा जाता है। अगर कमी ज्यादा बढ़ जाए, तो इसे ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं। इस स्थिति में हड्डियों के टूटने यानी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। उम्र बढ़ने के साथ बोन डेंसिटी में कमी आ सकती है। महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हार्मोनल बदलावों के कारण हड्डियों के कमजोर होने का जोखिम भी बढ़ सकता है। शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी भी हड्डियों की सेहत को प्रभावित करती है।

बोन डेंसिटी कम होने के कारण

आगरा स्थित ओम नर्सिंग होम के डॉ. पीके गुप्ता के मुताबिक, हड्डियों की कमजोरी के कारण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। बढ़ती उम्र इसका एक प्रमुख कारण है। इसके अलावा लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि कम रहने से भी हड्डियों पर असर पड़ सकता है। पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन डी न मिलना, कम वजन, परिवार में हड्डियों की बीमारी का इतिहास और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी जोखिम बढ़ा सकती हैं। धूम्रपान और ज्यादा शराब का सेवन हड्डियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कुछ दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल भी बोन डेंसिटी को प्रभावित कर सकता है। अगर आप लंबे समय से कोई दवा ले रहे हैं, तो उसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें। अपनी मर्जी से दवा बंद न करें।

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हड्डियों की मजबूती के लिए क्या खाएं?

हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए रोज के खानपान में कैल्शियम और विटामिन डी वाले खाद्य पदार्थ शामिल करना जरूरी है। दूध और डेयरी उत्पाद, कुछ हरी सब्जियां और कैल्शियम से भरपूर दूसरे खाद्य पदार्थ मददगार हो सकते हैं। विटामिन डी शरीर को कैल्शियम के इस्तेमाल में मदद करता है। धूप से शरीर को विटामिन डी मिल सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है।

कौन-सी एक्सरसाइज हड्डियों के लिए फायदेमंद है?

नियमित शारीरिक गतिविधि हड्डियों की सेहत बनाए रखने में मदद कर सकती है। पैदल चलना, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और वजन उठाकर की जाने वाली एक्सरसाइज उपयोगी हो सकती हैं। अपनी उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार गतिविधि चुनें। किसी बीमारी या चोट की स्थिति में व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

बोन डेंसिटी कम होने के संकेत क्या हैं?

हड्डियों की डेंसिटी कम होने पर शुरुआत में हमेशा साफ लक्षण नजर नहीं आते। इसलिए केवल दर्द के आधार पर हड्डियों की कमजोरी का पता लगाना मुश्किल हो सकता है। अगर लगातार कमर या पीठ में दर्द रहता है, समय के साथ लंबाई कम होती दिखती है या मामूली चोट में बार-बार फ्रैक्चर होता है, तो डॉक्टर से जांच कराएं। जरूरत पड़ने पर बोन डेंसिटी टेस्ट से हड्डियों की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। हड्डियों की सेहत के लिए संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और समय पर चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

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