बुखार के साथ सांस फूलना, बेहोशी या खून आना... इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

बुखार शरीर में किसी इंफेक्शन से लड़ने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। फ्लू, डेंगू, मलेरिया और कई अन्य इंफेक्शन में बुखार आना आम है। ज्यादातर मामलों में आराम और डॉक्टर की सलाह से बुखार ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। डॉक्टर्स के मुताबिक, बुखार के साथ कुछ खास लक्षण दिखाई दें तो इसे सामान्य समझकर घर पर इलाज करते रहना ठीक नहीं है। ऐसी स्थिति में तुरंत मेडिकल मदद लेना जरूरी है।
बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत हो तो सावधान
अगर बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, बहुत तेज सांस चलना, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। इसके अलावा अगर होंठ या त्वचा का रंग नीला पड़ने लगे, तो यह भी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षणों में देरी किए बिना इमरजेंसी मेडिकल मदद लेना जरूरी है।
लगातार उल्टी-दस्त से हो सकती है गंभीर डिहाइड्रेशन
बुखार के दौरान लगातार उल्टी या दस्त होने से शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इसके कुछ संकेत हैं-
- बहुत कम पेशाब आना
- मुंह का सूखना
- चक्कर आना
- खड़े होने पर कमजोरी महसूस होना
- लगातार सुस्ती या अत्यधिक कमजोरी
ऐसे लक्षण शरीर में गंभीर पानी की कमी की ओर इशारा कर सकते हैं। इस स्थिति में घर पर इलाज करते रहने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
खून आना और अचानक चकत्ते भी गंभीर संकेत
बुखार के साथ नाक या मसूड़ों से खून आना, उल्टी या मल में खून दिखाई देना भी गंभीर लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा शरीर पर अचानक लाल या नीले चकत्ते पड़ना भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तेज सिरदर्द, गर्दन में अकड़न या दौरे पड़ना जैसे लक्षण भी तुरंत मेडिकल जांच की जरूरत बताते हैं।
बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा सावधानी जरूरी
बुखार के साथ ऊपर बताए गए लक्षण किसी भी उम्र के व्यक्ति में गंभीर हो सकते हैं। हालांकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में खास सावधानी की जरूरत होती है। इन लोगों में इंफेक्शन तेजी से गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए बुखार के साथ हालत बिगड़ने, असामान्य सुस्ती, सांस की परेशानी या अन्य गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
जरूरी बात: बुखार की गंभीरता केवल तापमान देखकर तय नहीं की जा सकती। मरीज की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, इंफेक्शन का कारण और साथ में दिख रहे लक्षण भी महत्वपूर्ण होते हैं। गंभीर लक्षण होने पर इमरजेंसी मेडिकल मदद लेने में देरी न करें।




















