नई दिल्ली। ईरान में जारी सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शन और अस्थिर स्थिति के बीच भारत सरकार ने वहां फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए ‘ऑपरेशन स्वदेश’ शुरू कर दिया है। पहली विशेष फ्लाइट आज तेहरान से नई दिल्ली पहुंचेगी। ईरान में इस समय लगभग 10,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं। जिनमें छात्र, कारोबारी और पेशेवर शामिल हैं।
पिछले महीने ईरानी मुद्रा रियाल के ऐतिहासिक गिरावट के बाद देशभर में प्रदर्शन शुरू हुए थे। अब यह प्रदर्शन सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। हिंसक झड़पों और विरोध के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव जारी है।
मृत्युदर के आंकड़े मीडिया और मानवाधिकार संस्थाओं के अनुसार भिन्न हैं। अमेरिकी संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अब तक 2,550 से अधिक लोग मारे गए हैं। जिनमें 2,403 प्रदर्शनकारी और 147 सरकारी अधिकारी शामिल हैं। वहीं ईरान इंटरनेशनल मीडिया के अनुसार देशभर में करीब 12,000 लोगों की मौत हुई है, जिनमें ज्यादातर लोगों की जान गोलीबारी से गई है।
ईरान में रह रहे लगभग 10,000 भारतीय नागरिकों में सबसे बड़ी संख्या छात्रों की है, जिनमें से लगभग 2,500-3,000 छात्र मेडिकल पढ़ाई के लिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने पुष्टि की है कि सभी छात्रों का रजिस्ट्रेशन और पासपोर्ट विवरण भारतीय दूतावास के पास जमा कर दिया गया है। पहले बैच में गोलेस्तान यूनिवर्सिटी, शाहिद बहेश्ती यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के छात्र शामिल हैं।
भारत सरकार ने 14 जनवरी को जारी की थी एडवाइजरी
भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी और वहां सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेशन स्वदेश शुरू किया है। विदेश मंत्रालय ने ईरान में फंसे नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि अपने पासपोर्ट, वीजा और जरूरी दस्तावेज हमेशा साथ रखें।
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प्रकार |
संपर्क |
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मोबाइल नंबर |
+989128109115, +989128109109, +989128109102, +989932179359 |
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ईमेल |
cons.tehran@mea.gov.in |
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रजिस्ट्रेशन लिंक |
ईरान में इंटरनेट बाधित होने पर परिवार के सदस्य भी छात्रों की ओर से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने फोन किया और ईरान में हालात पर चर्चा की। इस दौरान, भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा टालने की सलाह दी। मंत्रालय के अनुसार, वहां लगभग 10,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं।
भारत सरकार की यह एडवाइजरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद जारी की गई है। जिसमें कहा गया था कि, अगर ईरान देशभर में जारी प्रदर्शनों का हिंसा के माध्यम से जवाब देता रहा, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
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