मुंबई। बीएमसी चुनाव में चुनाव आयोग के अनुसार रात 8 बजे तक भाजपा 84 सीटों के साथ सबसे आगे चल रही है। इसके बाद शिवसेना (यूबीटी) 63 सीटों पर आगे है। शिंदे गुट वाली शिवसेना को 26 सीटों पर बढ़त है तो कांग्रेस 23, एमआईएम 8 और एमएनएस 6 सीटों पर आगे चल रही है। महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव नौ साल बाद हुए हैं। बीएमसी की 227 सीटों के लिए कुल 2,516 उम्मीदवार मैदान में थे। रुझानों ने महायुति के लिए मजबूत संकेत जरूर दे दिए हैं।
महाराष्ट्र में सिर्फ मुंबई ही नहीं 29 में से 23 नगर निगमों में भाजपा की सरकार बनती नजर आ रही है। इसके साथ ही पुणे, नागपुर, नासिक आदि स्थानों पर भाजपा के कार्यालयों में जश्न मनाना शुरू हो गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी भाजपा कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहीं नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर जश्न की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
कुल नगर निगम: 29
कुल वार्ड: 893
कुल सीटें: 2,869
काउंटिंग शुरू: सुबह 10 बजे
महत्वपूर्ण नगर निगम: मुंबई (BMC), पुणे, ठाणे, नवी मुंबई, पिंपरी-चिंचवाड़, नागपुर, नासिक, सोलापुर, अमरावती
बीएमसी मतदान प्रतिशत: 52.94%
बीएमसी का बजट 74,000 करोड़ रुपए है, जो हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, गोवा, सिक्किम जैसी कई राज्यों के बजट से अधिक है। यही कारण है कि यह सिर्फ नगर निगम चुनाव नहीं, बल्कि मुंबई में सत्ता की लड़ाई का प्रतीक माना जाता है।
बीएमसी चुनावों में जीत या हार महाराष्ट्र की सियासत पर गहरा असर डाल सकती है। बीजेपी, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, शिंदे गुट, कांग्रेस और एनसीपी सभी इस चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
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नगर निगम |
वार्ड |
मतदान प्रतिशत |
प्रमुख गठबंधन / पार्टियां |
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बीएमसी (मुंबई) |
227 |
52.94% |
बीजेपी + शिंदे गुट, शिवसेना UBT + MNS, कांग्रेस + VBA |
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पुणे |
163 |
52.42% |
महायुति + पवार गुट, कांग्रेस + VBA |
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पिंपरी-चिंचवाड़ |
108 |
57.71% |
महायुति + पवार गुट, कांग्रेस + VBA |
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नाशिक |
81 |
56.67% |
बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी |
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सांगली–मिरज–कुपवाड़ |
60 |
61.30% |
बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी |
इन आंकड़ों से पता चलता है कि, प्रमुख महानगरों में मतदाता काफी सक्रिय रहे, जबकि पिछली बार की तुलना में कुछ स्थानों पर मतदान प्रतिशत में गिरावट देखी गई।
बीजेपी ने 137 सीटों पर उम्मीदवार उतारे।
शिंदे गुट की शिवसेना ने 90 सीटों पर चुनाव लड़ा।
चुनावी वादा: महिला वोटर्स के लिए BEST बसों में 50% छूट।
शिवसेना UBT ने 163 सीटों पर चुनाव लड़ा।
MNS को 52 सीटें मिली।
चुनावी वादा: महिला घरेलू सहायकों को ₹1,500 प्रति माह और 700 वर्गफुट तक की प्रॉपर्टी टैक्स फ्री।
कांग्रेस ने 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे।
VBA को 46 सीटें दी गई।
चुनावी वादा: शहर की प्रदूषण समस्या, BEST सेवा सुधार और आर्थिक मजबूती।
94 सीटों पर उम्मीदवार उतारे।
प्रमुख केंद्र: पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में शरद पवार गुट के खिलाफ मुकाबला।
वार्ड 207: बीजेपी vs MNS vs अन्य
वार्ड 208: ठाकरे गुट vs शिंदे गुट vs राष्ट्रवादी कांग्रेस
वार्ड 209: शिंदे गुट की यामिनी जाधव vs MNS vs कांग्रेस
वार्ड 200: बीजेपी vs शिवसेना vs कांग्रेस
वार्ड 201: शिंदे गुट vs कांग्रेस
वार्ड 205: MNS vs बीजेपी vs कांग्रेस
इन वार्डों में प्रत्यक्ष और बहुकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है, जिससे चुनावी परिणाम बेहद रोचक होंगे।
बीएमसी और पिंपरी-चिंचवाड़ में चुनाव को सुरक्षित और सुचारू रूप से कराने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। मतदान केंद्रों पर CCTV और वेबकास्टिंग के माध्यम से निरंतर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत रोका जा सके। इस बार कुल 15,931 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 821 और महिला उम्मीदवारों की संख्या 879 है।
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विवरण |
संख्या |
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मतगणना केंद्र |
23 |
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वार्ड संख्या |
227 |
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रिटर्निंग ऑफिसर |
23 |
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तैनात कर्मचारी |
2,299 |
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पर्यवेक्षक |
759 |
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सहायक कर्मचारी |
770 |
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी |
770 |
बीएमसी चुनाव सिर्फ नगर निगम के स्तर का मामला नहीं है, बल्कि यह मुंबई की राजनीतिक सत्ता और सियासी साख का भी परीक्षण है। इस चुनाव में जीत या हार न केवल नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे को प्रभावित करेगी, बल्कि बड़े गठबंधनों की आगामी विधानसभा चुनावों पर असर डालने की क्षमता भी रखती है।
पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में अजित-पवार और शरद पवार का गठबंधन भाजपा को चुनौती दे रहा है, वहीं मुंबई में भाजपा और शिंदे गुट का मजबूत गठबंधन बहुमत के करीब दिखाई दे रहा है। यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे राज्य स्तर पर राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावनाएं बन रही हैं।