Naresh Bhagoria
16 Jan 2026
सिद्धार्थ तिवारी, जबलपुर। शहर में पुलिस ने अपराधियों पर काबू पाने और आमजन में भय कम करने के लिए अनूठी रणनीति अपनाई है। सोशल मीडिया पर बदमाशों के डराने-धमकाने के वीडियो वायरल होने से जनता में दहशत फैल रही थी। इसके जवाब में पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों का जुलूस निकालकर और उनके सरेंडर के वीडियो उन्हीं के सोशल मीडिया हैंडल और जबलपुर पुलिस के पेज से वायरल करवाना शुरू कर दिया है। इससे गुंडों में दहशत बैठना शुरू हो गई।

दिसंबर में माढ़ोताल क्षेत्र के दीनदयाल चौक पर रोहित पाल ने एक ऑटो चालक की गर्दन काट दी थी। उसे गिरफ्तार कर पुलिस ने उसका जुलूस निकाला और इसका वीडियो सोशल मीडिया तथा उसके अंदरूनी ग्रुप्स में वायरल किया, ताकि उसके सहयोगियों को भी संदेश जाए।

माढ़ोताल में अन्नू अहिरवार दुकानदारों को धमकाकर पैसे वसूलता और तोड़फोड़ करता था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे उन्हीं दुकानदारों के सामने ले जाकर जुलूस निकाला और उनसे सार्वजनिक तौर पर माफी मंगवाई, जिससे व्यापारियों का भरोसा लौटा।
रांझी क्षेत्र में प्रवीण व शंटू यादव ने एक मकान में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की थी। दोनों को गिरफ्तार कर जुलूस निकाला गया और यह वीडियो भी शेयर किया गया, उनकी दहशत कम हुई ।
इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ अपराधियों को शर्मिंदा करना नहीं, बल्कि उनके नेटवर्क और साथियों के मन में यह डर बैठाना है कि बदमाशी का अंजाम सार्वजनिक अपमान और कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस का यह तरीका सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर अपराधी की पहुंच को चुनौती देने के लिए नई रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपराधों और अपराधियों पर लगाम कसने सख्त कार्रवाई करें, जिससे समाज में अपराधियों के प्रति भय पैदा न हो
संपत उपाध्याय, एसपी, जबलपुर