पल्लवी वाघेला, भोपाल। मप्र के पुरुष भी पत्नियों की प्रताड़ना से व्यथित हैं। इसका खुलासा करते हैं पुरुषों के लिए देश और मप्र में कार्यरत भाई संस्था के आंकड़े। संस्था के हेल्पलाइन नंबर (8882498498) पर बीते साल देशभर से 12 लाख से अधिक और मप्र में 15 हजार से ज्यादा पुरुषों ने सहायता के लिए संपर्क किया। दिलचस्प यह कि जब संस्था ने बीते तीन साल के आंकड़ों का एनालिसिस किया तो मदद मांगने वाले आईटी प्रोफेशनल पुरुषों की संख्या सबसे अधिक है। वहीं, मेडिकल फील्ड से भी मामले हैं, लेकिन इनमें प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर्स की संख्या बेहद कम है। इसके मुकाबले हॉस्पिटल का मैनेजमेंट संभाल रहे, टेक्निशियन या मेल नर्स इसमें शामिल है।
हैदराबाद में कार्यरत इंदौर के आईटी प्रोफेशनल ने बताया कि मां के नाम इंदौर में एक छोटा सा फ्लैट लेने के कारण विवाद इतना बढ़ा कि पत्नी तलाक की जिद पर अड़ गई। वह एलुमनी के रूप में 80 लाख का घर और 20 लाख रुपए कैश की मांग कर रही थी। बाद में संस्था के हस्तक्षेप के बाद सेटलमेंट हुआ।
बेंगलुरु में बड़ी कंपनी में कार्यरत भोपाल के युवक और पत्नी में मामूली बातों में लड़ाई होती थी। प्रॉपर्टी पत्नी के नाम थी। पत्नी ने पति को घर से बाहर कर दिया। बाद में हेल्पलाइन की मदद से सेटलमेंट कराया गया।
संस्था के अनुसार देश में 5 से 7 सालों में आईटी प्रोफेशनल्स के प्रताड़ना के केस ज्यादा सामने आ रहे हैं। वहीं, शादी के लिए भी आईटी एक्सपर्ट लड़के ही पहली पसंद है। इसके पीछे सोच लड़की को मिलने वाली लग्जरी लाइफ है।
हेल्पलाइन पर मदद मांगने वाले ज्यादातर पुरुषों का कहना होता है कि शादी उनके गले की हड्डी बन गई है। वे बताते हैं कि पत्नी की डिमांड से थक गए हैं। उनसे तलाक के बदले भी भारी रकम की डिमांड हो रही है। ज्यादातर पुरुष सुसाइड के विचार आने का जिक्र भी करते हैं। हेल्पलाइन पर उन्हें काउंसलिंग सहित विधिक गाइडेंस दिया जाता है।
आईटी में काम करने वाले पुरुष अब प्रताड़ना के सॉफ्ट टारगेट हैं। इनसे दो लाख से लेकर तीन करोड़ रुपए तक की डिमांड की जाती है। इनमें मेट्रोज जैसे शहरों में कार्यरत मप्र के पुरुष भी शामिल हैं। संस्था में आने वाले पुरुषों को सही काउंसलिंग दिलाई जाती है।
जकी अहमद, भाई संस्था, भोपाल