Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

शराब घोटाला केस :छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत

करोड़ों रुपए के शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। लखमा को शीर्ष कोर्ट को अंतरिम जमानत दी है। इसके अलावा अन्य आरोपियों को भी राहत दी गई है।
Follow on Google News
छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट  ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री कवासी लखमा और करोड़ों रुपए के शराब घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों को अंतरिम जमानत देते हुए निर्देश दिया कि उनकी याचिकाओं को विस्तृत विचार के लिए मुख्य मामलों के साथ सूचीबद्ध किया जाए।

    छग सरकार ने किया जल्द सुनवाई का विरोध

    चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की और याचिकाकर्ताओं को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि उठाए गए मुद्दों की अंतिम सुनवाई के समय व्यापक रूप से जांच की जाएगी। राज्य की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने जल्द सुनवाई का विरोध किया और कहा कि जांच अभी भी जारी है। उन्होंने तर्क दिया कि इस मामले में मंत्रियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग का आरोप है।

    64 करोड़ रुपए कमीशन का आरोप

    जेठमलानी ने दावा किया कि आरोपियों ने सरकारी खजाने को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। चीफ जस्टिस ने रिकॉर्ड पर रखे गए हलफनामे का जिक्र करते हुए इस आरोप पर ध्यान दिया कि याचिकाकर्ता को कमीशन के तौर पर 64 करोड़ रुपए मिले थे, जिसमें से 4.6 करोड़ रुपए कथित तौर पर पार्टी से संबंधित गतिविधियों के लिए और लगभग 10 करोड़ रुपये व्यक्तिगत संपत्ति के लिए इस्तेमाल किए गए थे।  इसमें उनके और उनके बेटे के घर शामिल हैं। पीठ ने यह भी कहा कि कुछ अधिकारियों के खिलाफ आरोप अधिक गंभीर बताये गए हैं।

    1100 से ज्यादा गवाहों से पूछताछ

    याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि कई आरोपी पहले से ही जमानत पर हैं। उन्होंने बताया कि 1,100 से अधिक गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है और छह आरोप पत्र दायर किए गए हैं। उन्होंने कार्यवाही के इस चरण में लगातार हिरासत में रखने के औचित्य पर सवाल उठाया। पीठ ने अंतरिम जमानत देते हुए आरोपों की गंभीरता पर जोर दिया और कहा कि इस मामले में उच्चतम स्तर पर कथित संलिप्तता शामिल है। पीठ ने स्पष्ट किया कि मुख्य मामलों पर उचित समय पर पूरी सुनवाई की जाएगी। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    Latest Posts