Naresh Bhagoria
15 Jan 2026
नई दिल्ली। कोलकाता में 8 जनवरी को I-PAC से जुड़े ठिकानों पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। कोर्ट ने साफ कहा है कि, राज्य सरकार केंद्रीय जांच एजेंसी के काम में दखल न दे। ED का आरोप है कि, रेड के दौरान बंगाल सरकार और पुलिस ने जांच में बाधा डाली। इसके साथ ही अहम दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करने से रोका गया। बंगाल में आगामी चुनावों के बीच यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर अहम बन गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि, राज्य सरकार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के काम में किसी भी तरह का दखल नहीं देना चाहिए और जांच एजेंसी को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने दिया जाए। अदालत ने ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर 3 फरवरी तक रोक लगा दी है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि, यदि केंद्रीय एजेंसियां किसी गंभीर अपराध की ईमानदारी से जांच कर रही हैं, तो उन्हें राजनीतिक हस्तक्षेप के जरिए रोका जाना उचित नहीं है। साथ ही शीर्ष अदालत ने यह जानना जरूरी बताया कि, ED किस उद्देश्य से मौके पर गई थी और क्या वास्तव में राज्य सरकार या पुलिस की ओर से जांच में बाधा डाली गई।
ED पक्ष (सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और ASG एसवी राजू):
बंगाल सरकार पक्ष (कपिल सिब्बल):
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां:
ED के मुताबिक, 8 जनवरी को की गई रेड का मुख्य उद्देश्य 2,742 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले की गहन जांच करना था। इसी सिलसिले में जांच एजेंसी ने I-PAC डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर, ऑफिस और कंपनी से जुड़े कुल 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
ED के मुख्य आरोप:
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आरोप क्रम |
विवरण |
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1 |
रेड के दौरान बंगाल सरकार और पुलिस ने ED की जांच में रुकावट डाली। |
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2 |
CM ममता बनर्जी ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज अपने साथ ले लिए। |
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3 |
ED को दस्तावेज जब्त करने से रोका गया, पुलिस ने मदद नहीं की। |
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4 |
बंगाल पुलिस ने ED टीम को घेरा और धमकाया। |
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की ओर से उठाई गई CBI जांच की मांग पर भी गंभीरता से विचार किया। अदालत में यह तर्क रखा गया कि, यदि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाती है, तो जरूरत पड़ने पर जांच को राज्य से बाहर ट्रांसफर किया जा सकता है, जिससे निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित हो सके। ED ने यह भी कहा कि, उसे अपने अधिकारियों की सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ा है। इस संदर्भ में एजेंसी ने आर्टिकल 21 के तहत अपने अधिकारों का हवाला दिया।
पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों के बीच I-PAC रेड का मामला सामने आने से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। I-PAC तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चुनावी रणनीति तैयार करने वाली प्रमुख पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी मानी जाती है। ऐसे समय में ED की कार्रवाई होने से राजनीतिक विवाद और गहरा गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि I-PAC के पास चुनाव से जुड़े कई अहम और संवेदनशील डेटा मौजूद थे, जिनकी जानकारी ED को जांच के दौरान मिली।
ED के अनुसार, I-PAC डायरेक्टर प्रतीक जैन के लैपटॉप में पार्टी और आगामी चुनावों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां थीं। एजेंसी का दावा है कि, रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बंगाल पुलिस ने ED को ये डेटा और दस्तावेज जब्त करने से रोका, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई।
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दिनांक / समय |
घटना विवरण |
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8 जनवरी सुबह 6:30 |
ED की पहली टीम I-PAC ऑफिस पर रेड, ऑफिस खाली |
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8 जनवरी सुबह 7:30 |
ED की दूसरी टीम प्रतीक जैन के घर पहुंची |
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8 जनवरी दोपहर 12:00 |
CM ममता बनर्जी प्रतीक जैन के घर पहुंचीं, हरी फाइल के साथ बाहर निकलीं |
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8 जनवरी दोपहर 1:00 |
CM I-PAC ऑफिस पहुंचीं, एंट्री-एग्जिट बंद |
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8 जनवरी शाम 4:22 |
CM करीब 3:30 घंटे बाद बाहर निकलीं |
ED ने कहा कि, CMO अफसरों ने फाइलें काफिले की गाड़ी में रखीं। 9 जनवरी को CM ने कोलकाता में मार्च निकाला और दो FIR दर्ज कराई।
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वर्ष |
मामला |
केंद्रीय एजेंसी |
मुख्य घटनाक्रम |
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2019 |
पोंजी घोटाला |
CBI |
45 घंटे धरना, CBI-कोलकाता पुलिस में टकराव |
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2021 |
कोयला तस्करी केस |
ED |
अभिषेक बनर्जी से 9 घंटे पूछताछ |
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2021 |
नारद स्टिंग केस |
CBI |
TMC नेताओं की गिरफ्तारी |
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2022 |
पशु तस्करी केस |
CBI |
अनुव्रत मंडल गिरफ्तार |
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2022 |
स्कूल भर्ती घोटाला |
ED |
शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी गिरफ्तार, ₹50 करोड़ नकद बरामद |
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2023 |
राशन घोटाला |
ED |
तत्कालीन मंत्री ज्योतिप्रिया मल्लिक गिरफ्तार, 20 घंटे पूछताछ |
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2026 |
I-PAC रेड |
ED |
8 जनवरी को रेड, CM ममता बनर्जी घटनास्थल पर आईं |
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