Aakash Waghmare
20 Jan 2026
मध्य-पूर्व में लगातार 12 दिनों तक चली खून-खराबे और हमलों की कड़ी के बीच मंगलवार की सुबह एक बड़ी राहत की खबर आई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुबह 3:32 बजे ईरान और इजराइल के बीच सीजफायर की घोषणा की। कुछ घंटों बाद उन्होंने एक और पोस्ट कर कहा, “अभी से सीजफायर लागू होता है, कृपया इसे न तोड़ें।”
सीजफायर की अमेरिकी घोषणा के कुछ समय बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले रोकने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इजराइल की सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही इजराइल ने अपनी सेना को फिलहाल पीछे हटने के निर्देश दिए। हालांकि, इसके करीब ढाई घंटे बाद इजराइल ने ईरान पर फिर से मिसाइल हमले का आरोप लगाया, जिससे तनाव की स्थिति फिर से गहराने लगी।
इजराइल के आरोपों के जवाब में ईरान की सशस्त्र सेना के जनरल स्टाफ ने बयान जारी कर साफ किया कि पिछले कुछ घंटों में इजराइल पर कोई मिसाइल हमला नहीं किया गया है। ईरानी सेना ने यह भी कहा कि उनके पास इजराइल पर हमला करने की अब कोई योजना नहीं है, क्योंकि दुश्मन को पछताने और झुकने पर मजबूर कर दिया गया है।
ट्रंप की सीजफायर घोषणा के कुछ देर बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने युद्धविराम को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा, “इजराइल के साथ कोई अंतिम युद्धविराम समझौता नहीं हुआ है। अगर इजराइल हमले बंद करता है, तो ईरान भी हमले नहीं करेगा।”
लेकिन इस बयान के कुछ ही देर बाद इजराइल पर 6 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला हुआ, जिसमें 5 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल होने की खबर सामने आई।
इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने सेना को तेहरान पर जवाबी हमला करने के आदेश दिए। उनका कहना था कि यदि ईरान ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है, तो उसे उसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हालांकि, सीजफायर लागू होने के बाद अब तक कोई नई सैन्य कार्रवाई सामने नहीं आई है।
ईरान और इजराइल के बीच युद्ध की आंशका अब फिलहाल टलती नजर आ रही है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय यूनियन ने दोनों देशों से संयम बरतने और शांति वार्ता जारी रखने की अपील की है।