इंडोनेशिया में फिर कांपी धरती, 12 घंटों में दो बड़े भूकंप, 38 लोगों की मौत, तबाही के बीच रेस्क्यू जारी

इंडोनेशिया में शनिवार को कुछ ही घंटों के अंदर दो बार तेज भूकंप आया। पहले 7.7 तीव्रता के जोरदार झटकों ने कई इलाकों को हिला दिया, जिसमें कम से कम 38 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। जिसके बाद अब करीब 12 घंटे बाद नॉर्थ सुमात्रा में 6.8 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया है। लगातार आए झटकों से लोगों में दहशत फैल गई है।
कुछ घंटों में दो बार हिली धरती
शनिवार को इंडोनेशिया के नॉर्थ सुमात्रा में 6.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज यानी GFZ के मुताबिक, भूकंप करीब 163 किलोमीटर की गहराई में आया। इससे कुछ घंटे पहले फ्लोरेस इलाके के तट के पास 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इस भूकंप के बाद नुसा तेंगारा के कुछ हिस्सों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। हालांकि बाद में इसे वापस ले लिया गया।
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इमारतों को नुकसान, अस्पताल भी खाली कराया गया
तेज झटकों के बाद कई इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचा है। हालात का जायजा लेने और किसी तरह के खतरे से बचने के लिए अधिकारियों को कुछ अस्पतालों को भी खाली कराना पड़ा। भूकंप के झटके कई इलाकों में महसूस किए गए। इससे लोग घरों और इमारतों से बाहर निकलकर सुरक्षित जगहों की तरफ भागते नजर आए।
लैंडस्लाइड से रास्ते बंद, बिजली और संचार भी प्रभावित
भूकंप के बाद कई जगहों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई हैं। जमीन खिसकने से कुछ रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे राहत और बचाव टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। बिजली गुल होने के साथ कुछ क्षेत्रों में कम्युनिकेशन नेटवर्क भी प्रभावित हुआ है। इसी वजह से नुकसान का सही आंकड़ा जुटाने में भी दिक्कत आ रही है।
नागेकेओ तक पहुंचने में रेस्क्यू टीम को परेशानी
लैंडस्लाइड के कारण भूकंप के केंद्र के सबसे करीब माने जा रहे नागेकेओ इलाके तक राहत टीम अभी नहीं पहुंच पाई है। प्रशासन की टीमें लगातार रास्ते साफ करने और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटी हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में कई इमारतें क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही हैं। कुछ जगहों पर ढही हुई इमारतों से धूल के गुबार उठते नजर आए, जबकि तेज झटकों के दौरान लोग सड़कों पर भागते दिखे।
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‘झटके इतने तेज थे कि समझ नहीं आया क्या करें’
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबुरा के रहने वाले 51 वर्षीय नोना ने भूकंप का अनुभव साझा करते हुए बताया कि झटके बेहद तेज थे। उन्होंने कहा कि जब भूकंप आया, तब वह अपने परिवार के साथ घर में आराम कर रहे थे। इंडोनेशिया में फिलहाल बचाव और राहत का काम जारी है। प्रशासन प्रभावित इलाकों में नुकसान का जायजा ले रहा है और मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।













