ईरान पर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में ट्रंप, बोले- ‘आसान या मुश्किल रास्ता चुनना होगा’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर जल्द बड़े फैसले का संकेत दिया है। शनिवार को व्हाइट हाउस से ओहायो रवाना होने से पहले बातचीत में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान को लेकर अपने अगले कदम पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अब उसके सामने ‘आसान रास्ता या मुश्किल रास्ता’ चुनने की स्थिति है। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनकी सरकार किस फैसले पर विचार कर रही है।
ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी
ट्रंप ने कहा कि ईरान को लेकर उन्हें एक फैसला करना है। उन्होंने दावा किया कि ईरान को पहले ही भारी नुकसान पहुंच चुका है और अब आगे का रास्ता इस बात पर निर्भर करेगा कि वह किस विकल्प को चुनता है। ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। उनका बयान ऐसे समय आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव के बीच अमेरिका के संभावित सैन्य और कूटनीतिक विकल्पों को लेकर चर्चा चल रही है। हालांकि, ट्रंप ने अपने बयान में यह नहीं बताया कि अमेरिका की ओर से अगला कदम क्या हो सकता है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी ट्रंप का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान लगभग परमाणु हथियार हासिल करने की अपनी योजनाओं से पीछे हट रहा है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान परमाणु हथियार रखने की अपनी योजनाओं को लगभग छोड़ रहा है। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
कैंप डेविड बैठक के बाद बढ़ी हलचल
ट्रंप का यह बयान उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आया है, जिसमें कैंप डेविड में उनके शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक का जिक्र किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में ईरान को लेकर अमेरिकी नीति के विकल्पों के साथ-साथ यमन में सऊदी अरब और हूती संघर्ष को लेकर भी चर्चा हुई। इस बैठक के बाद ऐसी अटकलें बढ़ गई हैं कि यदि तेहरान के साथ कूटनीतिक प्रयास किसी नतीजे तक नहीं पहुंचते हैं, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर दोबारा विचार कर सकता है। हालांकि, ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि उनकी सरकार किस विकल्प को प्राथमिकता दे रही है।
ईरान ने भी तैयार की आकस्मिक योजना
दूसरी ओर, रॉयटर्स से बातचीत में ईरानी अधिकारियों और आंतरिक विचार-विमर्श की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि ईरान अमेरिका की ओर से बड़े पैमाने पर दोबारा सैन्य अभियान शुरू किए जाने की स्थिति के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, ईरान में यह धारणा मजबूत हुई है कि अगर अमेरिका फिर सैन्य अभियान शुरू करता है तो इस बार जवाब पहले से ज्यादा व्यापक और मजबूत हो सकता है। वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारियों ने संभावित लक्ष्यों के दायरे को लेकर भी विकल्पों पर चर्चा की है।
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28 फरवरी से शुरू हुआ था संघर्ष
मौजूदा तनाव की शुरुआत 28 फरवरी से हुए संघर्ष से जुड़ी है। खबर के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान के साथ युद्ध शुरू हुआ था। यह संघर्ष 40 दिनों तक चला और 8 अप्रैल को युद्धविराम लागू होने के बाद बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई रुकी। हालांकि, युद्धविराम के बाद भी क्षेत्र में समय-समय पर तनाव और झड़पें जारी रही हैं। ट्रंप के ताजा बयान के बाद अब अमेरिका के अगले कदम पर निगाहें बढ़ गई हैं।




















