फतेहपुर में 12 लोगों से भरी नाव पलटी, समय रहते पुलिस ने बचाई सभी की जान

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में शुक्रवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मलवां क्षेत्र में पांडु नदी के तेज बहाव के बीच 12 लोगों से भरी नाव अचानक पलट गई। नाव में 5 बच्चे और 7 युवक सवार थे। नाव पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। हालांकि, ग्रामीणों की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता से नाव में सवार सभी 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
तेज बहाव के कारण रास्ता हुआ प्रभावित
यह हादसा मलवां क्षेत्र की आशापुर अभयपुर ग्राम सभा में अवशेरी खेड़ा जाने वाले रास्ते के पास हुआ। पांडु नदी के तेज बहाव और कटान के कारण अवशेरी खेड़ा जाने वाला रास्ता काफी समय से प्रभावित था। रास्ता कट जाने के कारण ग्रामीणों के आने-जाने के लिए नाव की वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे जाड़े का पुरवा और अवशेरी खेड़ा गांव के कुछ ग्रामीण गलाथा गांव में दंगल देखकर वापस लौट रहे थे। जब वे कटे हुए रास्ते के पास पहुंचे तो नाव चलाने वाला राकेश वहां मौजूद नहीं था। बताया गया कि वह नाव की पतवार भी अपने साथ ले गया था।
नाविक नहीं था, ग्रामीणों ने खुद चलाई नाव
नाविक के मौके पर नहीं होने के बावजूद ग्रामीणों ने खुद नाव चलाकर पानी पार करने का फैसला किया। उस समय नदी के दोनों तरफ करीब 10 फीट गहरा पानी भरा हुआ था। नाव जैसे ही बीच धारा में पहुंची, अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में पलट गई। नाव पलटते ही उसमें सवार बाबूराम, होरीलाल, सर्जन, आयुष, कुंदन, छोटू और बैजनाथ समेत सभी 12 लोग गहरे पानी में गिर गए। अचानक हुए हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

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ग्रामीणों ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला
नाव पलटने के तुरंत बाद अवशेरी खेड़ा गांव के बाबूराम और होरीलाल ने हिम्मत दिखाई। दोनों ने पानी में उतरकर डूब रहे बच्चों को एक-एक करके बाहर निकालना शुरू किया। उनकी मदद से कई बच्चों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। इसी दौरान हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। जानकारी मिलते ही औंग थाना प्रभारी दिनेश शुक्ला पुलिस बल और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने भी गहरे पानी में उतरकर बचाव अभियान में मदद की।

सभी 12 लोग सुरक्षित
उप जिलाधिकारी बिंदकी निशांत तिवारी ने बताया कि हादसे में किसी की मौत नहीं हुई है और नाव में सवार सभी 12 लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कटे हुए रास्ते पर रात में सुरक्षा व्यवस्था भी तैनात कर दी है। हादसे के बाद प्रशासन की ओर से लोगों को गहरे पानी और तेज बहाव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। नाविक की गैर-मौजूदगी में ग्रामीणों का खुद नाव चलाकर नदी पार करना हादसे की बड़ी वजह बना।




















