भारत में बढ़ेगा C-130J सुपर हरक्यूलिस का प्रोडक्शन, $10.5 अरब के डील पर लॉकहीड मार्टिन का बड़ा प्लान

नई दिल्ली। अमेरिकी डिफेंस कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर ली है। कंपनी को अगर भारतीय वायुसेना का 10.5 अरब डॉलर (1,011.4 अरब रुपए) का मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) कॉन्ट्रैक्ट मिलता है, तो वह टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) के साथ अपनी पार्टनरशिप को और मजबूत करेगी। लॉकहीड मार्टिन पहले से ही टाटा के साथ जॉइंट वेंचर के तहत भारत में C-130J सुपर हरक्यूलिस के अहम कंपोनेंट्स बना रही है। इसमें जिसमें एयरक्राफ्ट की टेल असेंबली यानी एम्पेनेज शामिल है। कंपनी के ग्लोबल बिजनेस डेवलपमेंट और स्ट्रैटेजी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डैन टेनी ने कहा कि टाटा के साथ हमारी पार्टनरशिप काफी पुरानी है, जो C-130J एयरक्राफ्ट के पार्ट्स और एम्पेनेज बनाती है। यह एक मजबूत क्षमता है जिसे हमारी मौजूदा MTA बोली में और बढ़ाया जाएगा। टेनी ने बताया कि कंपनी भारत में प्रोडक्शन समेत अन्य क्षमताओं को विस्तार देने की योजना पर काम कर रही है। फिलहाल हैदराबाद स्थित टाटा लॉकहीड मार्टिन एयरोस्ट्रक्चर्स लिमिटेड (TLMAL) लॉकहीड मार्टिन की ग्लोबल सप्लाई चेन के लिए C-130J सुपर हरक्यूलिस की पूरी टेल असेंबली तैयार करता है। इसमें हॉरिजॉन्टल और वर्टिकल स्टेबलाइजर, लीडिंग एज और टिप असेंबली जैसे प्रमुख हिस्से शामिल हैं।
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MTA की दौड़ में शामिल एयरक्राफ्ट
12 तैयार विमान आएंग
इस प्रोग्राम के तहत 12 एयरक्राफ्ट फ्लाईअवे कंडीशन (उड़ने के लिए तैयार हालत) में सप्लाई किए जाएंगे। वही 48 एयरक्राफ्ट भारत में बनाए जाएंगे। इस प्रोग्राम के लिए लॉकहीड मार्टिन C-130J-30 सुपर हरक्यूलिस और एम्ब्रेयर C-390 मिलेनियम जैसे एयरक्राफ्ट पेश किए जा रहे हैं। C-130J-30 कॉन्फिगुरेशन के आधार पर लगभग 19 से 22 टन वजन ले जा सकता है, जबकि C-390 की पेलोड क्षमता 26 टन तक है।
एयरबस पीछे हटी
जानकारी के अनुसाल एयरबस ने पहले MTA की जरूरत के जवाब में बड़े A400M एटलस की पेशकश की थी, जो लगभग 37 टन वजन ले जा सकता है। लेकिन मौजूदा रिपोर्टों से पता चलता है कि एयरबस इस कॉम्पिटिशन में मुख्य दावेदार के तौर पर आगे नहीं बढ़ रही है।




















