यूरोप में 15 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी, हवा में अटकी सांसें! फ्रांस ने भेजे फाइटर जेट, कई फ्लाइट्स डायवर्ट

यूरोप में गुरुवार को कई देशों की 15 यात्री विमानों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। फिनलैंड, इटली, फ्रांस, चेक गणराज्य और बुल्गारिया समेत कई देशों की उड़ानें निशाने पर रहीं। सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन कई विमानों का रास्ता बदलवाया। फ्रांस ने डबलिन से रोम जा रही फ्लाइट की सुरक्षा के लिए फाइटर जेट भेजे। एक विमान को फ्रांस के एव्रू सैन्य एयरबेस पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में 151 यात्री और 6 क्रू मेंबर सवार थे। सभी सुरक्षित हैं। अब तक किसी भी विमान में विस्फोटक या संदिग्ध डिवाइस मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटनाक्रम इसलिए भी चिंता बढ़ा रहा है, क्योंकि इसी सप्ताह यूरोप में विमानों को धमकी मिलने की यह तीसरी बड़ी घटना बताई जा रही है। इससे पहले मंगलवार को करीब 10 और सोमवार को ब्रिटेन में लगभग 7 फ्लाइट्स को धमकियां मिली थीं।
फिनलैंड की फ्लाइट को फाइटर जेट ने दी सुरक्षा
हेलसिंकी से रोम जा रही फिनएयर की फ्लाइट को भी बम की धमकी मिली। इसके बाद इटली की वायुसेना के फाइटर जेट ने विमान को सुरक्षा देते हुए रोम तक पहुंचाया। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद बम निरोधक विशेषज्ञों ने विमान की जांच की। वहीं, हेलसिंकी से वियना जा रही जेटटाइम की फ्लाइट को भी धमकी मिली। हालांकि, यह विमान ऑस्ट्रिया की राजधानी में सामान्य रूप से उतर गया।
वॉरसॉ, बुखारेस्ट और ब्रसेल्स जाने वाली फ्लाइट्स भी निशाने पर
इटली के मिलान से पोलैंड की राजधानी वॉरसॉ जा रही विज एयर की फ्लाइट को बम की धमकी मिली। इसके बाद विमान का रास्ता बदलकर उसे वियना में उतारा गया। बुखारेस्ट जा रही विज एयर की एक अन्य फ्लाइट को भी धमकी मिली, लेकिन वह सुरक्षित लैंड हुई। इसके अलावा पोलैंड की एयरलाइन LOT की वॉरसॉ से ब्रसेल्स जा रही फ्लाइट को भी सुरक्षा संबंधी चेतावनी मिली। ब्रसेल्स में उतरने के बाद विमान की तलाशी ली गई। जांच में कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला।
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बुल्गारिया और चेक गणराज्य की फ्लाइट्स को भी धमकी
बुल्गारिया की राजधानी सोफिया जाने वाली रयानएयर की तीन फ्लाइट्स को बम की धमकी मिली। इनमें से दो विमान कोपेनहेगन और मैड्रिड से आ रहे थे। दोनों सुरक्षित सोफिया एयरपोर्ट पर उतरे। वहीं, लंदन से आ रहे तीसरे विमान को बुल्गारिया के दूसरे बड़े शहर प्लोवदिव में उतारा गया। चेक गणराज्य की राजधानी प्राग जाने वाली चार फ्लाइट्स को भी धमकी मिली। पुलिस के मुताबिक, सभी विमान सुरक्षित उतरे। जांच में किसी तरह का विस्फोटक या संदिग्ध डिवाइस नहीं मिला। ग्रीस के थेसालोनिकी से मिलान आ रही एजियन एयरलाइंस और पुर्तगाल के पोर्टो से मिलान आ रही रयानएयर की फ्लाइट को भी धमकी मिली। दोनों विमानों के उतरने के बाद बम निरोधक विशेषज्ञों ने जांच की।
एक्सपर्ट बोले- इतनी धमकियां मिलना सामान्य नहीं
ब्रिटेन के एविएशन सिक्योरिटी एक्सपर्ट पॉल मेसन ने BBC से बातचीत में कहा कि यात्री विमानों को बम की धमकी मिलना आम बात नहीं है। इस सप्ताह अलग-अलग देशों और एयरलाइंस की फ्लाइट्स को जिस तरह निशाना बनाया गया है, वह असामान्य है। मेसन के मुताबिक, अलग-अलग एयरलाइंस को विश्वसनीय तरीके से धमकियां मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि ये घटनाएं महज संयोग नहीं, बल्कि किसी की सोची-समझी कार्रवाई हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि धमकी मिलने के बाद एयरलाइन के क्रू मेंबर और जमीन पर मौजूद कर्मचारी कई स्तरों पर उसकी गंभीरता की जांच करते हैं। इसके बाद ही विमान को डायवर्ट करने या इमरजेंसी लैंडिंग कराने का फैसला लिया जाता है। कुछ धमकियां एयरलाइंस को ईमेल के जरिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, सभी धमकियों का तरीका और उनका स्रोत अभी स्पष्ट नहीं है।
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यूरोप में हाइब्रिड वॉरफेयर का खतरा बढ़ा
यूरोप में विमानों को बम की धमकियां मिलने के बीच साइबर हमलों और तोड़फोड़ की घटनाओं ने भी चिंता बढ़ाई है। हाल के दिनों में कई देशों के सुपरमार्केट के फ्रिज और फ्रीजर सिस्टम को हैकर्स ने निशाना बनाया। इससे तापमान बढ़ने के कारण खाने-पीने का सामान खराब हुआ। फ्रांस में ब्लड बैंक के सिस्टम पर भी साइबर हमला हुआ, हालांकि खून के स्टॉक को नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है।
इन घटनाओं के बीच यूरोपीय देशों को आशंका है कि रूस और ईरान जैसे देश सीधे सैन्य टकराव के बजाय साइबर हमलों, जासूसी और तोड़फोड़ के जरिए अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। इस तरह की गतिविधियों को हाइब्रिड वॉरफेयर कहा जाता है। ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI5 के प्रमुख केन मैक्कलम ने अक्टूबर में कहा था कि रूस की सैन्य और खुफिया एजेंसियां ऐसी गतिविधियां बढ़ा रही हैं। अब सरकारी ठिकानों के साथ आम लोगों, कारोबार और समुदायों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
वहीं, ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI6 के प्रमुख ने कहा था कि ईरान यूरोप में अपने विरोधियों, ईरानी मीडिया संस्थानों और इजराइली ठिकानों को डराने के लिए आपराधिक गिरोहों का इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, विमानों को मिली बम की धमकियों और साइबर हमलों के पीछे रूस या ईरान का हाथ होने का अब तक कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है। किसी संगठन ने इन घटनाओं की जिम्मेदारी भी नहीं ली है।




















