US मिडटर्म में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद ट्रंप ने दिखाया वीटो का दांव, जानिए कैसे काम करती है राष्ट्रपति की वीटो शक्ति

वॉशिंगटन। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की शानदार जीत ने वाशिंगटन में सत्ता के संतुलन को पूरी तरह बदल दिया है। इससे कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स को बड़ा बहुमत मिल गया है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ टकराव की स्थिति बन गई है। रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी हार के बाद डेमोक्रेट्स अब अपने महत्वाकांक्षी विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने, ट्रंप की कुछ नीतियों को पलटने और उनके प्रशासन के खिलाफ जांच शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, इस चुनावी जीत का मतलब यह नहीं है कि उन्हें कानून पास करने की पूरी छूट मिल गई है। ट्रंप के पास अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में एक बहुत ही महत्वपूर्ण संवैधानिक हथियार मौजूद है- किसी भी कानून को वीटो (अस्वीकार) करने की शक्ति।
लाल कैप पोस्ट कर ट्रंप ने दिया अपना संदेश
डेमोक्रेट्स की जीत का पैमाना साफ होते ही ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक लाल बेसबॉल कैप की तस्वीर पोस्ट की, जिस पर "वीटो" लिखा था। इससे उन्होंने संकेत दे दिया है कि वे इस शक्ति का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं। इस हार के बाद ट्रंप ने कहा-यह वीटो की शक्ति है। यह राष्ट्रपति के पास मौजूद सबसे ताकतवर शक्तियों में से एक है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि वे अगले दो साल सिर्फ कांग्रेस द्वारा भेजे गए हर प्रस्ताव को रोकने में नहीं बिताना चाहते। उन्होंने 'पोलिटिको' से कहा- मैं अगले दो साल तक बस बैठकर हर चीज को वीटो नहीं करना चाहता। फिर भी, चूंकि डेमोक्रेट्स उनकी नीतियों को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं, इसलिए व्हाइट हाउस और कैपिटल हिल के बीच होने वाली राजनीतिक लड़ाई में 'वीटो' एक अहम हथियार बन सकता है।
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राष्ट्रपति की वीटो शक्ति कैसे काम करती है
राष्ट्रपति का वीटो एक संवैधानिक सुरक्षा उपाय है, जिसे कार्यपालिका और विधायिका के बीच सत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए बनाया गया है। अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद I, धारा 7 के तहत, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट द्वारा पारित किसी भी विधेयक को कानून बनने से पहले राष्ट्रपति के पास पेश किया जाना अनिवार्य है।
10 दिन का समय होता इन प्रक्रियाओं के लिए
राष्ट्रपति के पास कानून पर हस्ताक्षर करने, आपत्तियों के साथ उसे बिना हस्ताक्षर किए वापस भेजने, या उसे कानून बनने देने के लिए 10 दिनों का समय होता है (इसमें रविवार शामिल नहीं हैं)। अगर ट्रंप वीटो (निषेधाधिकार) का इस्तेमाल करते हैं, तो वह विधेयक अपनी आपत्तियों के साथ वापस उसी सदन में चला जाता है जहां से वह पेश किया गया था। कांग्रेस अभी भी वीटो को खारिज करके विधेयक को कानून बना सकती है, लेकिन इसके लिए हाउस और सीनेट दोनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। यह किसी विधेयक को पारित करने के लिए आमतौर पर जरूरी साधारण बहुमत से कहीं अधिक है।
वीटो को खारिज करने के लिए जरूरी दो-तिहाई समर्थन
डेमोक्रेट्स के पास अब बड़ा बहुमत है, जिससे उन्हें कांग्रेस में विधेयक पास कराने में काफी आसानी होगी, लेकिन ट्रंप के वीटो को खारिज करने के लिए जरूरी दो-तिहाई समर्थन उनके पास नहीं होगा। इतिहास में, कांग्रेस ने राष्ट्रपति के बहुत कम वीटो को ही पलटा है, जिससे यह शक्ति कानून बनाने की प्रक्रिया में एक बड़ी रुकावट बन जाती है।
पॉकेट वीटो- ट्रंप का एक और हथियार
ट्रंप के पास एक और विकल्प भी है- 'पॉकेट वीटो'। इस प्रावधान के तहत, अगर राष्ट्रपति 10 दिनों की अवधि के भीतर किसी विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं और इसी दौरान कांग्रेस का सत्र समाप्त हो जाता है, वह विधेयक अपने आप कानून नहीं बन पाता। सामान्य वीटो के विपरीत, कांग्रेस 'पॉकेट वीटो' को खारिज नहीं कर सकती। ऐसी स्थिति में, सांसदों को उस विधेयक को फिर से पेश करना होगा, दोनों सदनों से पारित कराना होगा और दोबारा राष्ट्रपति के पास भेजना होगा। इससे व्हाइट हाउस को कानून को रोकने का एक और तरीका मिल जाता है, खासकर तब जब कांग्रेस का सत्र समाप्त होने वाला हो।
वीटो की धमकी से भी कानून का स्वरूप बदल सकता है
ट्रंप को अपना प्रभाव दिखाने के लिए हमेशा इस बात का इंतजार करने की जरूरत नहीं होती कि कोई बिल उनके पास पहुंचे। राष्ट्रपति की ओर से वीटो की धमकी, सांसदों पर कानून पारित होने से पहले उसमें बदलाव करने का दबाव डाल सकती है। व्हाइट हाउस 'स्टेटमेंट्स ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन पॉलिसी' (SAPs) के जरिए भी अपना रुख स्पष्ट कर सकता है। इनमें बताया जाता है कि प्रशासन किसी प्रस्तावित कानून का समर्थन कर रहा है या विरोध। इन बयानों में यह स्पष्ट चेतावनी भी हो सकती है कि राष्ट्रपति उस बिल पर वीटो का इस्तेमाल करेंगे।
डेमोक्रेट्स के पास यह तरीके
वहीं, डेमोक्रेट्स के पास कानून पारित कराए बिना भी ट्रंप को चुनौती देने के अन्य तरीके हैं। वे कांग्रेस में अपने बहुमत का इस्तेमाल करके जांच-पड़ताल कर सकते हैं, प्रशासन के अधिकारियों को तलब कर सकते हैं, समन जारी कर सकते हैं और सरकारी खर्चों व नीतियों की बारीकी से समीक्षा कर सकते हैं।




















