तेल अवीव से वियना जा रही फ्लाइट में बम की धमकी, बुल्गारिया में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

इजरायल के तेल अवीव से ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट में बम की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। उड़ान के दौरान मिली धमकी के बाद विमान को अपना रास्ता बदलना पड़ा और बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान में 51 यात्री और क्रू के 6 सदस्य सवार थे। घटना के बाद सभी यात्रियों को विमान से उतारकर सुरक्षा जांच शुरू की गई। अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बम की धमकी कितनी गंभीर थी और इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है।
विमान में बम की धमकी, हवा में ही बदलना पड़ा रास्ता
तेल अवीव से वियना जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट अपनी सामान्य उड़ान पर थी। इसी दौरान विमान में बम होने की धमकी मिलने की जानकारी सामने आई। उस समय विमान हवा में था और रोमानिया के आसपास उड़ान भर रहा था। धमकी मिलते ही सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय हो गई। विमान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे निर्धारित गंतव्य वियना ले जाने के बजाय बुल्गारिया की राजधानी सोफिया की ओर मोड़ दिया गया। इस घटना ने विमान में सवार यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी।
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फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा में दिखा विमान का बदला हुआ रास्ता
इस घटना के दौरान विमान की गतिविधियों पर फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म की भी नजर रही। फ्लाइटरडार के आंकड़ों के अनुसार, विमान ने रात करीब 9:10 बजे रोमानिया के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया था। इसके बाद विमान के रास्ते में बदलाव दिखाई दिया। विमान दक्षिण की ओर मुड़ा और बुल्गारिया की राजधानी सोफिया पहुंचा, जहां उसकी लैंडिंग कराई गई। विमान के मार्ग में इस तरह का बदलाव सुरक्षा संबंधी स्थिति के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से विमान की स्थिति, दिशा और उड़ान के दौरान हुए बदलावों की जानकारी मिल सकती है।
विमान ने क्यों भेजा इमरजेंसी सिग्नल
इस घटना से जुड़ी एक और अहम जानकारी विमान के ट्रांसपॉन्डर से संबंधित है। ADS-B Exchange के आंकड़ों के मुताबिक, विमान से स्क्वॉक कोड 7700 प्रसारित किया जा रहा था। विमानन क्षेत्र में स्क्वॉक 7700 एक सामान्य आपातकालीन कोड है। इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब विमान को किसी आपात स्थिति का सामना करना पड़ता है और हवाई यातायात नियंत्रण को इसकी सूचना देनी होती है। इस कोड के प्रसारण से एयर ट्रैफिक कंट्रोल को विमान की स्थिति पर विशेष ध्यान देने का संकेत मिलता है। इसके बाद संबंधित अधिकारी विमान के क्रू के साथ समन्वय कर सकते हैं और जरूरत के मुताबिक सहायता उपलब्ध करा सकते हैं।
बम की धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
विमान की सोफिया में लैंडिंग के बाद सुरक्षा जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसी स्थिति में जांच एजेंसियों का पहला उद्देश्य यात्रियों, चालक दल और एयरपोर्ट परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। जांच के दौरान अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर सकते हैं कि धमकी किस माध्यम से दी गई, उसका स्रोत क्या था और क्या उसमें कोई विश्वसनीय जानकारी मौजूद थी।
फ्लाइट हाईजैकिंग की घटनाओं के बीच बढ़ी चिंता
विमान में बम की धमकी की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब उड़ानों की सुरक्षा को लेकर पहले से सतर्कता बरती जा रही है। हाल में फ्लाईदुबई की उड़ान को हाईजैक करने की कथित कोशिश का जिक्र भी इस घटना के संदर्भ में किया गया है। हालांकि, बम की धमकी और विमान हाईजैक करने की कोशिश अलग-अलग प्रकार की सुरक्षा घटनाएं हैं। दोनों को एक जैसा मानना सही नहीं होगा। हवाई यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर काम करती है। इसमें यात्रियों और सामान की जांच, विमान की निगरानी, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई शामिल है



















