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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के पास स्थित प्रगति पार्क कॉलोनी में रविवार तड़के हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने रिटायर्ड जस्टिस रमेश गर्ग के बंगले को निशाना बनाया। बदमाश करीब 20 मिनट तक घर में घूमते रहे, अलमारियां खंगालीं और लाखों के जेवर-नकदी लेकर फरार हो गए। घटना के दौरान घर में मौजूद परिवार गहरी नींद में था, जबकि सायरन और अलार्म बजने के बावजूद किसी की आंख नहीं खुली।
वारदात रविवार सुबह करीब 4 बजे कनाडिया क्षेत्र से सटी प्रगति पार्क कॉलोनी में हुई। यह इलाका ग्रामीण पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है, हालांकि इंदौर में कमिश्नर प्रणाली लागू है। रिटायर्ड जस्टिस रमेश गर्ग के बंगले में घुसे बदमाश नकाब और हथियार से लैस थे।
बंगले में सायरन अलार्म और सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि बदमाश हथियार लिए घर में दाखिल हुए, अलमारियां खोलीं और कीमती सामान निकाला। इस दौरान अलार्म भी बजा, लेकिन परिवार के सदस्य नहीं जागे।
सीसीटीवी में एक बदमाश को जस्टिस रमेश गर्ग के बेटे ऋत्विक के बेडरूम में अलमारी खंगालते और दूसरा हथियार लेकर खड़ा नजर आया। अगर ऋत्विक जरा भी हिलते-डुलते, तो बदमाश हमला कर सकते थे।
घटना की जानकारी मिलने पर एडिशनल एसपी (ग्रामीण) रूपेश द्विवेदी, डीएसपी उमाकांत चौधरी, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और स्निफर डॉग टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन अब तक किसी भी बदमाश का ठोस सुराग नहीं मिल पाया।
पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर तलाशी अभियान जारी है। शुरुआती अंदाजे के मुताबिक, बदमाश आदिवासी गिरोह के हो सकते हैं।
सोमवार सुबह ऋत्विक की पत्नी उठीं तो बेडरूम अस्त-व्यस्त देखा। अलमारी खुली हुई थी और जेवर-नकदी गायब थे। उन्होंने तुरंत बाकी परिवार को बुलाकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी अब पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।
यह वारदात ऐसे समय में हुई है जब शहर में रातों के दौरान पुलिस नशे में वाहन चलाने वालों और अन्य चेकिंग पर सक्रिय रहती है। इसके बावजूद हथियारबंद बदमाश रिटायर्ड जस्टिस के घर में घुसकर 20 मिनट तक आराम से चोरी करते रहे और फरार हो गए। इस घटना ने इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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