डेंगू का डंक हुआ तेज! इंदौर सहित देपालपुर-खजराना तक फैला खतरा, अब तक 55 मरीज मिले

इंदौर। बारिश का मौसम राहत के साथ अब डेंगू का खतरा भी बढ़ा रहा है। शहर से लेकर जिले के अलग-अलग इलाकों में डेंगू के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। जनवरी से अब तक 55 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें 29 महिलाएं और 26 पुरुष शामिल हैं। खास बात यह है कि सबसे ज्यादा मामले 21 से 30 वर्ष की उम्र के लोगों में सामने आए हैं। इस आयु वर्ग के 21 मरीज अब तक मिल चुके हैं।मलेरिया विभाग के आंकड़ों के मुताबिक डेंगू की चपेट में आने वाले मरीजों की उम्र 9 वर्ष से लेकर 74 वर्ष तक है। यानी संक्रमण का खतरा किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं है। लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से एडीज मच्छर के पनपने की आशंका और बढ़ गई है।
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बारिश के साथ बढ़ी मच्छरों की चिंता
बारिश के बाद घरों, छतों, कूलर, गमलों, टायरों, पानी की टंकियों और कबाड़ में पानी जमा हो जाता है। यही जमा हुआ साफ पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के लिए प्रजनन का ठिकाना बन सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने इसी खतरे को देखते हुए लोगों को अपने घर और आसपास नियमित रूप से पानी की जांच करने की सलाह दी है।दूसरी ओर, नगर निगम ने भी मच्छरों पर नियंत्रण के लिए फॉगिंग अभियान तेज कर दिया है। जिन क्षेत्रों से मरीज सामने आ रहे हैं, वहां विशेष रूप से निगरानी और मच्छर नियंत्रण गतिविधियां बढ़ाई जा रही हैं।
अप्रैल के बाद बढ़ने लगा डेंगू का सिलसिला
मलेरिया विभाग के अनुसार इस साल अप्रैल के बाद डेंगू के मामले बढ़ने शुरू हुए। मई और जून में भी लगातार मरीज सामने आते रहे। जुलाई में कई इलाकों से मरीज मिलने के कारण विभाग की चिंता और बढ़ गई।जुलाई के दौरान कृष्णा बाग, भवानी नगर, एमजीएम गर्ल्स हॉस्टल, सहानी रेजिडेंसी, गोरी नगर, मायूर हॉस्पिटल, जगजीवन नगर, बिचौली हप्सी, विदुर नगर, सिलिकॉन सिटी और वीणा नगर सहित कई क्षेत्रों में डेंगू के मरीज मिले।इसके बाद अगस्त में पांच नए मरीज सामने आए, जबकि सितंबर में अब तक तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है।
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देपालपुर से बाणगंगा तक मरीज
डेंगू का असर केवल शहर के चुनिंदा हिस्सों तक सीमित नहीं है। मलेरिया विभाग के अनुसार देपालपुर, खजराना, गांधीनगर, बाणगंगा, पालदा, सांवेर, छोटा बांगड़दा रोड, आजाद नगर और भंवरकुआं समेत कई क्षेत्रों से मरीज मिले हैं।इन इलाकों में मरीज मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर मच्छर नियंत्रण और लोगों को जागरूक करने की गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है।
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21 से 30 साल की उम्र सबसे ज्यादा प्रभावित
अब तक सामने आए 55 मरीजों में सबसे बड़ा हिस्सा 21 से 30 वर्ष की उम्र वालों का है। इस आयु वर्ग में 21 मरीज मिले हैं। इसके बाद 11 से 20 वर्ष की उम्र में नौ, 31 से 40 वर्ष में सात और 51 से 60 वर्ष में सात मरीज सामने आए हैं।
21-30 साल के सबसे ज्यादा मरीज
| आयु वर्ग | मरीज |
|---|---|
| 0-10 वर्ष | 1 |
| 11-20 वर्ष | 9 |
| 21-30 वर्ष | 21 |
| 31-40 वर्ष | 7 |
| 41-50 वर्ष | 5 |
| 51-60 वर्ष | 7 |
| 61-70 वर्ष | 3 |
| 71-80 वर्ष | 2 |
| कुल | 55 |



















