PU Special :गणेशोत्सव विशेष-पूर्व IPS सुभाष अत्रे ने 50 साल में जुटाईं गणेशजी की बेशकीमती 1550 मूर्तियां!

राजीव सोनी,भोपाल। भगवान गणेश की अनूठी और दुर्लभ प्रतिमाओं के क्रेजी पूर्व आईपीएस सुभाष अत्रे (80) ने पिछले 50 साल में अपने कलेक्शन 1550 प्रतिमाएं जुटा ली है। उनके घर में सोने-चांदी, पन्ना,टाइगर आई, एक्वामेरिन, लाजवर्त व मूंगा जैसे महुमूल्य रत्नों से लेकर अष्टधातु व पाषाण आदि में मौजूद गणपति बप्पा मुस्करा रहे हैं। इस संग्रह में सबसे दुर्लभ तो 3 हाथ वाले 400 साल पुराने बालाजी- गणेश हैं जो एक तरफ से हनुमान तो दूसरी ओ से गणेशजी के रूप में दर्शन देते हैं।
कंबोडिया, चीन, जापान, नैरोबी, थाईलैंड की भी मूर्तियां
अपने अनूठे शौक के चलते मध्यप्रदेश कैडर के पूर्व आईपीएस अत्रे को यह शौक इंदौर में छात्र जीवन से ही लग गया था। अब तो देश-विदेश में बैठे उनकी दोनों बेटियां डॉ. स्निग्धा और स्पर्श के अलावा मित्र और परिजन भी उनके कलेक्शन को समृद्ध बनाने के मौके ढूंढ लेते हैं। आज भी उनकी नजर लोक देवता लंबोदर के नए-नए स्वरूप तलाशती रहती है। मुस्लिम बहुल कंबोडिया सहित चीन, जापान, नैरोबी, नाइजेरिया, ,थाईलैंड, वियतनाम, नेपाल और कीनिया सहित करीब 10 देशों की विभिन्न कलात्मक खूबियों वाली प्रतिमाओं से उनका पूरा घर सजा हुआ है।
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इन स्वरूपों में मौजूद हैं लंबोदर
पन्ना-मूंगा, लाजवर्त, टाइगर आई, सुपारी, शंख-शीप, टेराकोटा, लकड़ी, पाषाण और गोबर-मिट्टी के गणेश। मोर पर सवार मयुरेश, मकर,बैलगाड़ी और चूहागाड़ी पर बैठे, 16 भुजाधारी गनपति, निराकार, ओंकार गजानन, एक से लेकर पंचमुखी, हेरम्ब गणपति, नट नागर।
सीधी बात....लोक देवता गणेश पर पुस्तक लिख रहा हूं: सुभाष अत्रे
सवाल: गणेशजी की 1550 प्रतिमाएं कैसे संभालते हैं?
जवाब: हां, इसमें काफी समय लगता है। इन सभी को द्वार से लेकर ड्राइंग रूम और पूरे कमरे में सजाया है।
सवाल: इन सभी प्रतिमाओं का क्या शास्त्रोक्त डाक्युमेंटशन भी है क्या?
जवाब: बिल्कुल,गणेश पुराण के सभी 32 स्वरूपों का वर्णन है। इसके अलावा मैं 'लोक देवता गणेश' शीर्षक से किताब भी लिख रहा हूं।
सवाल: दुर्लभ गणेश प्रतिमाओं का कलेक्शन की आगामी प्लानिंग?
जवाब: देखिए, मेरी दोनों बेटियां स्निग्ध और स्पर्श भी गणेश भक्त हैं। मेरे बाद वही इसे आगे बढ़ाएंगीं।
सवाल: यह अनूठा शौक कब से शुरू हुआ?
जवाब: शुरूआत छात्र जीवन से, बाद में बढ़ता रहा।
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