जासूसी पर खुलासा...चीन हमारी जासूसी करता है, हम भी करते हैं! ट्रंप के बयान से फिर गरमाया मामला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ जासूसी को लेकर खुलकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चीन अमेरिका की निगरानी करता है तो अमेरिका भी चीन के बारे में जानकारी जुटाता है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश चल रही है और शी जिनपिंग के साथ उनकी प्रस्तावित मुलाकात भी चर्चा में है।
जासूसी पर खुलासा...चीन हमारी जासूसी करता है, हम भी करते हैं! ट्रंप के बयान से फिर गरमाया मामला
चीन पर ट्रंप का बड़ा जासूसी दावा

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने दोनों देशों के बीच जासूसी के मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। आयरलैंड से अमेरिका लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से चीन की कथित जासूसी के बारे में सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि चीन जो करता है, अमेरिका भी वही करता है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर चीन अमेरिका की जासूसी करता है तो अमेरिका भी चीन की जासूसी करता है।

चीन से मुलाकात में उठेगा मुद्दा?

ट्रंप ने यह जरूर कहा कि वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से आगामी मुलाकात में कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे, लेकिन उन्होंने यह साफ नहीं किया कि जासूसी से जुड़ा मामला बातचीत का हिस्सा होगा या नहीं। दोनों नेताओं की 24 सितंबर को अमेरिका में मुलाकात होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, चीन की ओर से इस बैठक की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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जॉर्डन हमले से जुड़ी रिपोर्ट को ट्रंप ने नकारा

ट्रंप का बयान एक रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए हमले को लेकर चीन का नाम सामने आया था। जुलाई में हुए इस हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी। एक रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया था कि हमले से पहले ईरान को चीन से कुछ सैटेलाइट तस्वीरें मिली थीं। ट्रंप ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया।

चीन की सरकार पर सीधे आरोप नहीं

रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि चीन की सरकार सीधे तौर पर इस मामले में शामिल थी। अमेरिकी अधिकारियों ने उन चीनी संस्थाओं के नाम भी सार्वजनिक नहीं किए, जिनसे कथित तौर पर तस्वीरें मिलने की बात कही गई थी। ऐसे में ट्रंप ने मामले को सीधे चीन की सरकार से जोड़ने के बजाय दोनों देशों की खुफिया गतिविधियों की तुलना की।

शी जिनपिंग से रिश्तों पर ट्रंप का नरम रुख

चीन के साथ कई मुद्दों पर मतभेद के बावजूद ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ अपने रिश्तों को अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि शी ने समझदारी से काम किया है और अमेरिका ने भी ऐसा ही किया है। उनके इस बयान से संकेत मिल रहा है कि फिलहाल अमेरिकी प्रशासन चीन के साथ तनाव को ज्यादा बढ़ाने के बजाय बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहता है।

2028 चुनाव पर भी ट्रंप से सवाल

बातचीत के दौरान ट्रंप से 2028 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि क्या वह मौजूदा उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की उम्मीदवारी का समर्थन करेंगे। ट्रंप ने कहा कि अभी चुनाव में काफी समय बाकी है और रिपब्लिकन पार्टी के पास कई अच्छे विकल्प मौजूद हैं। इस दौड़ में वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो के नाम प्रमुख माने जा रहे हैं।

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कनाडा और ईरान पर भी बोले ट्रंप

आयरलैंड से लौटते वक्त ट्रंप ने कनाडा के साथ व्यापारिक बातचीत को मुश्किल बताया। उन्होंने कहा कि कनाडा अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए काफी उत्सुक है। वहीं ईरान को लेकर ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बात की ज्यादा चिंता नहीं है कि खाड़ी के दूसरे देश ईरान से बातचीत कर रहे हैं।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...Read More

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