
इंदौर में एरोड्रम इलाके के रहने वाले टीसीएस कंपनी के सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोहित मौर्य को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट में रखकर तीन दिन तक पैसों की उगाही की। बदमाशों ने मोहित को धमकाते हुए उसके बैंक स्टेटमेंट मांगे और इंस्टेंट लोन लेकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। इस दौरान मोहित के दोस्त अश्विन तिवारी ने मामले की सूचना क्राइम ब्रांच को दी, जिसके बाद पुलिस ने मोहित को बदमाशों के चंगुल से छुड़ाया।
बदमाशों ने तीन दिनों तक बनाया बंधक
मोहित मौर्य के दोस्त अश्विन ने एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडौतिया को बताया कि मोहित डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो गया था। बदमाशों के अंदर डिजिटली बंधक बनाकर रखा और उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी। अश्विन की सूचना पर डीसीपी ने मौके पर पहुंचकर मोहित को बदमाशों के चंगुल से आजाद कराया।
कूरियर का झांसा देकर फंसाया
मोहित ने बताया कि बदमाशों ने खुद को डीएचएल एक्सप्रेस का कर्मचारी बताकर कॉल किया और कहा कि उनके नाम पर एक पार्सल रोका गया है, जिसमें 140 ग्राम एमडीएमए ड्रग है। आधार कार्ड लिंक होने का झांसा देकर बदमाशों ने मोहित को डराया और साइबर सेल से कनेक्ट करने की बात कही।
डर के कारण मोहित ने बदमाशों के दबाव में आकर दो बार इंस्टेंट लोन लिया और उन्हें पैसे ट्रांसफर कर दिए।
बदमाशों पर 30 हजार का इनाम घोषित
इंदौर पुलिस आयुक्त ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडौतिया ने बताया कि आरोपी के बारे में सूचना क्राइम ब्रांच की साइबर हेल्पलाइन 7049124445 पर दी जा सकती है। जानकारी देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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