भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने बुधवार को भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत कुल 28 आईएफएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है, जिसमें कई जिलों के वन मंडल अधिकारियों यानी डीएफओ के तबादले भी शामिल हैं। इस आदेश के बाद राज्य के वन विभाग में नई जिम्मेदारियों और पदस्थापनाओं के साथ कार्य व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा। इन तबादलों में सबसे अहम बदलाव संजय डुबरी टाइगर रिजर्व से जुड़ा है। यहां के संचालक (फील्ड डायरेक्टर) अमित कुमार दुबे को उनके पद से हटाकर मुख्यालय में पदस्थ किया गया है।
नौरादेही के डीएफओ बने रजनीश सिंह
बताया जा रहा है कि पिछले एक साल के दौरान टाइगर रिजर्व में आधा दर्जन से अधिक बाघों की मौत हुई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। अब अमित दुबे को अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक संरक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह को नौरादेही का डीएफओ नियुक्त किया गया है। इसी तरह कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भी नई पदस्थापना की गई है। विभाष कुमार ठाकुर को पीसीसीएफ संरक्षण से हटाकर अनुसंधान एवं विकास शाखा में भेजा गया है। प्रफुल नीरज को लघु वनोपज संघ से मध्य प्रदेश वन विकास निगम में स्थानांतरित किया गया है।
मस्तराम जबलपुर के मुख्य वन संरक्षक
मस्तराम को उज्जैन से जबलपुर का मुख्य वन संरक्षक बनाया गया है। इस आदेश में कई सीएफ और डीएफओ स्तर के अधिकारियों को नए जिलों और शाखाओं में जिम्मेदारी सौंपी गई है। शितिज कुमार को कार्ययोजना भोपाल से डीएफओ भोपाल बनाया गया है, जबकि प्रदीप मिश्रा को इंदौर से बैतूल स्थानांतरित किया गया है। रजनीश सिंह, गौरव शर्मा, अशोक सोलंकी, डेविड व्यंकटराय और अरिहंत कोचर सहित कई अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है, जिससे कई जिलों में वन प्रशासन की नई टीम काम संभालेगी।
राज्य सेवा के 20 अफसरों को डीएफओ प्रभार
इसके अलावा, राज्य वन सेवा के 20 अधिकारियों को प्रभारी डीएफओ का प्रभार भी सौंपा गया है, जिससे जमीनी स्तर पर वन प्रबंधन और संरक्षण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। शासन का मानना है कि इस व्यापक प्रशासनिक बदलाव से वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और विकास कार्यों में सुधार आएगा। नए पदस्थापना आदेशों के बाद सभी अधिकारियों को शीघ्र ही अपने-अपने नवीन पदस्थानों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।