मुंबई। महाराष्ट्र के अकोट में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM और BJP के बीच बना सियासी तालमेल ज्यादा देर टिक नहीं पाया। गठबंधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक हलकों में मचे हंगामे के बाद BJP ने तेजी से कदम पीछे खींच लिए और AIMIM से दूरी बना ली। यह गठबंधन महज कुछ घंटों में ही टूट गया।
इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्थानीय BJP इकाइयों को निर्देश दिए कि अकोट में AIMIM के साथ किया गया गठबंधन तुरंत खत्म किया जाए। फडणवीस ने इसी के साथ अंबरनाथ में कांग्रेस के साथ बने गठबंधन को भी समाप्त करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस या AIMIM के साथ किसी भी स्तर पर गठबंधन स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी स्थानीय नेता ने पार्टी लाइन से हटकर अपने स्तर पर ऐसा कोई फैसला लिया है, तो उसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और संबंधित नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
BJP प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अकोट में AIMIM के साथ गठबंधन को लेकर पार्टी विधायक प्रकाश भरसखाले को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उनसे इस तथाकथित गठबंधन के चलते पार्टी की छवि को पहुंचे नुकसान पर जवाब मांगा गया है। साथ ही, जिम्मेदार लोगों पर आगे सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए गए हैं।
अंबरनाथ नगर परिषद में BJP ने अंबरनाथ विकास अघाड़ी के नाम से कांग्रेस और अजीत पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर सत्ता गठन का रास्ता चुना। इस दौरान BJP ने अपनी सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) को किनारे कर दिया था। बुधवार को हुए चुनाव में BJP पार्षद तेजश्री करंजुले पाटिल नगर परिषद अध्यक्ष चुनी गईं। उन्होंने शिवसेना की मनीषा वालेकर को हराया। 60 सदस्यीय अंबरनाथ नगर परिषद में शिंदे गुट की शिवसेना 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन बहुमत से चार सीटें पीछे रह गई।
चुनाव परिणामों में BJP को 14 सीटें मिलीं, कांग्रेस ने 12, एनसीपी को चार और दो सीटें निर्दलीयों के खाते में गईं। एक निर्दलीय के समर्थन से तीन दलों का गठबंधन 32 के आंकड़े तक पहुंच गया, जो 30 के बहुमत से ज्यादा है।