कांग्रेस की तैयारी :सचिन पायलट, डीके शिवकुमार, भूपेश बघेल, कन्हैया कुमार को दी अहम जिम्मेदारी  

कांग्रेस ने पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के चुनावों के लिए तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सचिन पायलट, डीके शिवकुमार, भूपेश बघेल और अन्य नेताओं को सीनियर ऑब्जर्वर बनाया है।
सचिन पायलट, डीके शिवकुमार, भूपेश बघेल, कन्हैया कुमार को दी अहम जिम्मेदारी   
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    नई दिल्ली।  आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने संगठन स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। बुधवार को पार्टी ने पांच चुनावी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति का ऐलान किया। इन नियुक्तियों को पार्टी की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन नामों को अंतिम मंजूरी दी है।

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    अनुभवी नेताओं को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी

    इस फैसले के तहत छत्तीसगढ़ के प्रभारी महासचिव और वरिष्ठ नेता सचिन पायलट को केरल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को असम का वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया गया है। पार्टी का मानना है कि इन नेताओं का संगठनात्मक अनुभव और जमीनी पकड़ चुनावी राज्यों में कांग्रेस को मजबूती देगा।

    राज्यों के हिसाब से तय की गई पर्यवेक्षकों की टीम 

    असम में चुनावी गतिविधियों की निगरानी के लिए भूपेश बघेल, डीके शिवकुमार और बंधु तिर्की की तिकड़ी को जिम्मेदारी दी गई है। केरल में सचिन पायलट के साथ केजे जॉर्ज, इमरान प्रतापगढ़ी और कन्हैया कुमार को वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया गया है, ताकि पार्टी के संगठन और प्रचार को नई धार दी जा सके। 

    दक्षिण और पूर्वी भारत पर भी फोकस

    तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए मुकुल वासनिक, उत्तम कुमार रेड्डी और काजी मोहम्मद निजामुद्दीन को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करने के लिए सुदीप रॉय बर्मन, शकील अहमद खान और प्रकाश जोशी को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। 

    मार्च-अप्रैल में संभावित हैं चुनाव

    पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मार्च-अप्रैल के दौरान विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की भूमिका टिकट वितरण से लेकर प्रचार रणनीति, संगठनात्मक समन्वय और स्थानीय नेतृत्व के साथ तालमेल बनाने तक अहम होगी। कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि इन नियुक्तियों से पार्टी को चुनावी मैदान में नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा मिलेगी। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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