Gujarat Paper Leak:गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में पेपर लीक! 12 में से 11 सवाल एग्जाम से पहले ही WhatsApp पर वायरल

गुजरात की आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में तीसरे वर्ष की परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि 'शल्य तंत्र-1' (सर्जरी) विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षा में पूछे गए 12 सवालों में से 11 सवाल वही बताए जा रहे हैं, जो पहले से WhatsApp पर वायरल मैसेज में मौजूद थे। इस घटना के सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन हरकत में आ गया है। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष समिति (स्पेशल कमेटी) का गठन किया गया है।
परीक्षा से पहले वायरल हुआ 'Important Topics' का मैसेज
जानकारी के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने से पहले सोशल मीडिया, खासकर WhatsApp पर 'Important Topics' नाम से एक मैसेज तेजी से वायरल हुआ था। शुरुआत में कई लोगों ने इसे सामान्य तैयारी से जुड़ा मैसेज माना, लेकिन परीक्षा खत्म होने के बाद जब प्रश्नपत्र की तुलना वायरल मैसेज से की गई तो हैरान करने वाला खुलासा हुआ। बताया जा रहा है कि परीक्षा में पूछे गए 12 सवालों में से 11 सवाल वायरल मैसेज से मेल खाते थे। इसी वजह से पेपर लीक होने की आशंका और मजबूत हो गई।
प्रोफेसर को परीक्षा के दौरान मिली जानकारी
जूनागढ़ आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी स्क्वॉड के सदस्य डॉ. अल्पेश जरसानिया ने बताया कि उन्हें 20 जुलाई को यूनिवर्सिटी की ओर से परीक्षा निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने बताया कि जब वह दोपहर में कॉलेज पहुंचे, तब वहां के एक फैकल्टी सदस्य ने उनका ध्यान इस ओर दिलाया कि परीक्षा से जुड़े कुछ सवाल पहले से ही WhatsApp पर वायरल हो रहे हैं। डॉ. जरसानिया ने कहा कि सूचना मिलते ही उन्होंने वायरल मैसेज और प्रश्नपत्र का मिलान किया। शुरुआती जांच में दोनों के बीच काफी समानता दिखाई दी। इसके बाद उन्होंने तुरंत यूनिवर्सिटी के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन को पूरे मामले की जानकारी दे दी।
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12 में से 11 सवाल मिलने की बात कही
डॉ. अल्पेश जरसानिया ने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा लगा कि प्रश्नपत्र में पूछे गए 12 में से 11 सवाल वायरल मैसेज से मिलते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम फैसला यूनिवर्सिटी और विषय विशेषज्ञों की विस्तृत जांच के बाद ही होगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तव में पेपर लीक हुआ था या नहीं।
करीब 1,200 छात्रों ने दी थी परीक्षा
गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के इंचार्ज परीक्षा निदेशक एच.पी. झाला ने बताया कि 'शल्य तंत्र-1' की परीक्षा राज्य के 26 आयुर्वेद कॉलेजों में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में करीब 1,200 छात्रों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा तय समय पर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई थी। लेकिन परीक्षा खत्म होने के बाद यह जानकारी मिली कि परीक्षा से पहले कुछ महत्वपूर्ण सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके थे।
यूनिवर्सिटी ने शुरू की जांच
एच.पी. झाला के अनुसार, जैसे ही वायरल मैसेज की जानकारी मिली, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। अधिकारियों ने तुरंत उपलब्ध जानकारी जुटानी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। अगर जांच में यह साबित होता है कि प्रश्नपत्र वास्तव में लीक हुआ था, तो दोषियों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वाइस चांसलर ने बनाई स्पेशल जांच कमेटी
पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का फैसला लिया है। इसके लिए एक स्पेशल जांच कमेटी बनाई गई है। यह समिति कई बिंदुओं पर जांच करेगी, जिनमें शामिल हैं- परीक्षा से पहले वायरल हुआ WhatsApp मैसेज। असली प्रश्नपत्र और वायरल सवालों का मिलान। पेपर तैयार करने और वितरण की पूरी प्रक्रिया। प्रश्नपत्र बाहर कैसे पहुंचा, इसकी जांच। संबंधित लोगों से पूछताछ। कमेटी अपनी जांच पूरी करने के बाद यूनिवर्सिटी को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
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रिपोर्ट के बाद होगा अगला फैसला
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा। अगर जांच में पेपर लीक होने की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर परीक्षा दोबारा कराने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि अभी तक यूनिवर्सिटी की ओर से दोबारा परीक्षा कराने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।











