शराब के खेल पर आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन,3 अफसर सस्पेंड,4409 खाली बोतलें और होलोग्राम बरामद

190 की शराब 200 में बेचने से लेकर अवैध शराब निर्माण की सामग्री मिलने तक,महासमुंद-कांकेर में कार्रवाई, 2 अधिकारियों को नोटिस,छत्तीसगढ़ में शराब की ओवररेट बिक्री और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। महासमुंद में 190 रुपये की शराब 200 रुपये में बेचने की पुष्टि के बाद आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को निलंबित किया गया।
शराब के खेल पर आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन,3 अफसर सस्पेंड,4409 खाली बोतलें और होलोग्राम बरामद

रायपुर: छत्तीसगढ़ में शराब की ओवररेट बिक्री और अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। महासमुंद और कांकेर जिले में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद तीन आबकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं दो अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा गया है। कार्रवाई के दौरान कांकेर में 4409 खाली शराब की बोतलें, 105 पत्ता स्टीकर-होलोग्राम और 3380 ढक्कन समेत बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद हुई।

महासमुंद में 190 की शराब 200 में बिकी

राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने 7 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमाडबरी (बेमचा) का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान छद्म ग्राहक के जरिए शराब खरीदकर बिक्री दर का सत्यापन किया गया। इस दौरान विक्रयकर्ता क्रमांक-1 दिनेश्वर ध्रुव ने बैगपाइपर व्हिस्की का एक पाव, जिसकी निर्धारित कीमत 190 थी, उसे 200 में बेचा।

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दूसरी बार भी सामने आई ओवररेट बिक्री

इसके बाद टीम ने दोबारा खरीद परीक्षण किया। इस बार विक्रयकर्ता क्रमांक-2 गुलाब डहरिया ने भी वही शराब 190 की जगह 200 में बेची। दोनों खरीद में जहां कुल 380 लिए जाने चाहिए थे, वहां ग्राहकों से 400 वसूले गए। यानी निर्धारित कीमत से कुल 20 ज्यादा लिए गए। दोनों विक्रेताओं पर आबकारी एक्ट में केस ओवररेट शराब बिक्री की पुष्टि होने के बाद दोनों विक्रेताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

ओवररेट बिक्री पर आबकारी उप निरीक्षक सस्पेंड

विभाग ने माना कि संबंधित प्रभार क्षेत्र में शराब बिक्री की प्रभावी निगरानी और नियंत्रण में गंभीर कमी रही। इसी आधार पर नितेश सिंह बैस, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत की गई है। दुर्ग में रहेगा निलंबन मुख्यालय निलंबन अवधि में नितेश सिंह बैस का मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

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4409 खाली बोतलें, 105 स्टीकर-होलोग्राम बरामद

कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई में एक सूने/बंद किराए के मकान से अवैध मदिरा निर्माण से जुड़ी बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। जांच में 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम और 3380 ढक्कन जब्त किए गए।

30 पौवा भरी शराब भी मिली

कार्रवाई के दौरान जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 30 भरे हुए पौवा भी बरामद किए गए। इनमें कुल 5.400 लीटर शराब थी, जिसकी कीमत करीब 3,600 बताई गई है। वहीं विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर एवं होलोग्राम की कीमत 59,645 और खाली बोतल/पौवा की कीमत 22,045 बताई गई है।

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कांकेर में 2 अफसरों पर गिरी गाज

यह मामला आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर के प्रभार क्षेत्र से संबंधित है। विभाग ने क्षेत्र में इतनी बड़ी अनियमितता मिलने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और शिथिल नियंत्रण माना। इसके बाद रानू मरकाम को नियम 9(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर निर्धारित किया गया है।

प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी भी सस्पेंड

इसी मामले में मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, उत्तर बस्तर कांकेर के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। विभाग के अनुसार प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और प्रभावी पर्यवेक्षण एवं सतत निगरानी के अभाव को देखते हुए उन्हें भी निलंबित किया गया है। उनका निलंबन मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है।

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दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

महासमुंद में ओवररेट शराब बिक्री के मामले में विभाग ने दो अन्य अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की है। दीपक ठाकुर, सहायक जिला आबकारी अधिकारी और अजय कुमार पाण्डेय, सहायक जिला आबकारी अधिकारी को कारण बताओ सूचना जारी की गई है। दोनों अधिकारियों को 7 दिवस के भीतर समाधानकारक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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शराब दुकानों की निगरानी पर विभाग का सख्त संदेश

महासमुंद में निर्धारित दर से ज्यादा कीमत पर शराब बिक्री और कांकेर में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री बरामद होने के बाद हुई कार्रवाई ने आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। विभाग की कार्रवाई से साफ है कि ओवररेट शराब बिक्री, अवैध शराब निर्माण और निगरानी में लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले के जरिए मदिरा दुकानों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...Read More

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