गरबा पंडाल में जाना है तो तिलक लगाएं, मूर्ति पूजा करें,वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के बयान से छिड़ी नई बहस

प्रेम कुमार, रायपुर: छत्तीसगढ़ में नवरात्रि और गरबा आयोजनों से पहले छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की अपील को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम समाज से गरबा पंडालों और नवरात्रि के धार्मिक आयोजनों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गरबा केवल मनोरंजन या डांस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि धार्मिक परंपरा और आस्था से जुड़ा आयोजन है।
डॉ. सलीम राज ने क्या कहा?
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि गरबा मां दुर्गा की पूजा और धार्मिक आस्था से जुड़ा पर्व है। इसलिए मुस्लिम समाज के लोगों को इसकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई मुस्लिम व्यक्ति गरबा पंडाल में जाता है तो उसे वहां की धार्मिक परंपराओं और पूजा-पद्धति का सम्मान करना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने तिलक लगाने, गंगाजल ग्रहण करने और मूर्ति पूजा करने का उल्लेख किया।

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'गरबा डांस करने की जगह नहीं'
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का तर्क है कि गरबा को केवल डांस या मनोरंजन के कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि गरबा धार्मिक आस्था का केंद्र है और वहां जाने वाले लोगों को आयोजन की धार्मिक भावना का सम्मान करना चाहिए।
VHP के बयान का किया समर्थन
डॉ. सलीम राज ने विश्व हिंदू परिषद की ओर से गरबा आयोजनों को लेकर दिए गए बयान का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि गरबा की धार्मिक प्रकृति को समझना जरूरी है और इस दौरान किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए समाज के लोगों को संयम बरतना चाहिए।
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मंत्री टंक राम वर्मा ने दिया समरसता का संदेश
वहीं, वक्फ बोर्ड की अपील पर मंत्री टंक राम वर्मा ने अलग रुख रखते हुए सामाजिक समरसता की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है और सभी को एक-दूसरे की संस्कृति तथा धर्म का सम्मान करना चाहिए।
मंत्री बोले—धर्म और संस्कृति का सम्मान जरूरी
मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि देश में अलग-अलग धर्म और संस्कृतियां हैं। सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए सभी को एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। उनका बयान ऐसे समय आया है जब नवरात्रि के गरबा आयोजनों को लेकर बहस तेज हो रही है।
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नवरात्रि से पहले गरबा पर बढ़ी चर्चा
नवरात्रि के दौरान छत्तीसगढ़ के अलग-अलग शहरों में बड़े स्तर पर गरबा और डांडिया कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में वक्फ बोर्ड अध्यक्ष की अपील और मंत्री के सामाजिक समरसता वाले बयान के बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों को लेकर अलग-अलग संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से क्या प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।




















