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बाड़ी: बारना बांध की नहरें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी, प्रमुख सचिव संदीप यादव ने किया निरीक्षण

रायसेन के बाड़ी में किसानों के लिए वरदान माने जाने वाली बारना बांध की नहर परियोजना अब भ्रष्टाचार और अतिक्रमण की भेंट चढ़ गई है। स्थानीय अधिकारियों पर भरोसा न होने पर मामला सीधे प्रमुख सचिव, जल संसाधन विभाग संदीप यादव के समक्ष उठाया गया।
बाड़ी: बारना बांध की नहरें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी, प्रमुख सचिव संदीप यादव ने किया निरीक्षण
बारना बांध की नहरें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी

बाड़ी। सन 1900 से 2015 तक बारना बांध की नहरों के लाइनिंग के नाम पर सीसी और आरसीसी कार्य के लिए करोड़ों-अरबों रुपये खर्च किए गए, लेकिन नहरों में घटिया निर्माण कार्य की शिकायतें लगातार सामने आती रहीं। नहर फूटने से किसानों के खेतों में पानी भर जाता है या फिर किसानों को पानी ही नहीं मिलता, जिससे दोनों ही स्थिति में फसल खराब होती है। बारना कॉलोनी की लगभग 70 प्रतिशत भूमि पर अतिक्रमण और बायीं मुख्य नहर के दोनों तरफ जल संसाधन विभाग की 220 फीट भूमि पर पक्के निर्माण की शिकायत भी प्रमुख सचिव के सामने रखी गई।

करोड़ों-अरबों खर्च के बाद भी नहरों की हालत खराब

बताया जा रहा है कि सन 1900 से 2015 तक बारना बांध की नहरों के फर्सीकरण (लाइनिंग) के नाम पर सीसी करण और आरसीसी कार्य के लिए करोड़ों-अरबों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत में हमेशा घटिया निर्माण कार्य किया गया। इसकी शिकायत लगातार होती रही है, लेकिन विभाग ने कभी भी ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

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 नहर फूटने से किसानों की फसल हो रही बर्बाद 

नहर फूटने के कारण या तो खेतों में पानी भर जाता है या फिर किसानों को पानी ही नहीं मिलता। दोनों ही स्थिति में फसल खराब होती है। 8 दिन पहले ही चलती हुई आरवीसी नहर फूट गई थी, जिससे खेतों में पानी घुसने से किसानों की फसल खराब हुई। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में नहर खुलते ही जगह-जगह से फूट जाती है।

बारना कॉलोनी की 70 प्रतिशत जमीन पर कब्जा

इससे भी गंभीर मामला अतिक्रमण का है। शिकायत के अनुसार, बारना कॉलोनी की लगभग 70 प्रतिशत जमीन पर लोगों ने पक्का अतिक्रमण कर मकान और दुकानें बना ली हैं। स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत के बाद भी अधिकारी मौन हैं, जिससे अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।

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नहर की 220 फीट जमीन पर भी अतिक्रमण

बायीं मुख्य नहर के दोनों तरफ 220 फीट भूमि जल संसाधन विभाग की है, उस पर भी अतिक्रमणकारियों ने भराव कर पक्के व्यावसायिक परिसर, पार्किंग, बड़ी-बड़ी दुकानें और मकान बना लिए हैं। स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत के बाद भी इस मामले में कार्रवाई नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं।

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प्रमुख सचिव ने किया बारना बांध का निरीक्षण

आज प्रमुख सचिव संदीप यादव के बाड़ी आगमन पर उन्होंने बारना बांध और निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर वन विभाग के रेस्ट हाउस में बैठक ली। उन्होंने कहा, हमें आपके द्वारा ही जानकारी मिली है, हम इस अतिक्रमण और नहरों व सब माइनरों की गुणवत्ता की जांच करवाते हैं। अतिक्रमण के संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेकर जल्द कार्रवाई के निर्देश देंगे। इस दौरान बाड़ी तहसीलदार दिनेश बर्गले, डीएफओ शिवेश मोहनी, ईई, एसडीओ तोमर, रेंजर राहुल ठाकुर, सिंचाई विभाग और वन विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी और पत्रकार मौजूद रहे।

Buddhi Sharma
By Buddhi Sharma

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