फर्जी पासपोर्ट कांड में दो और गिरफ्तार, बोले हमारे पूर्वज थे बांग्लादेशी

ग्वालियर। फर्जी पासपोर्ट कांड में एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि 70 फर्जी पासपोर्ट मध्य प्रदेश के पांच अलग-अलग जिलों से बनाए गए थे। एसटीएफ के मुताबिक 40 पासपोर्ट भोपाल से, 17 पासपोर्ट डबरा से, 11 पासपोर्ट बैतूल से और 1-1 पासपोर्ट छिंदवाड़ा और पांढुर्णा से बनाया गया था। सभी पासपोर्ट फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार किए गए थे।
दलाल है जॉय चौधरी
इस नेटवर्क में पहले से गिरफ्तार रियल चौधरी और कपिलव अधिकारी से पूछताछ के बाद पुलिस ने एक और बड़े दलाल जॉय चौधरी को गिरफ्तार किया है। जॉय इस पूरे फर्जीवाड़े में सक्रिय रूप से काम कर रहा था। वहीं पुलिस ने प्रियान अधिकारी को भी पकड़ा है। प्रियान वही आरोपी है जिसका पासपोर्ट डबरा के फर्जी पते पर बना था। पासपोर्ट बनवाने वालों में प्रियान की यह पहली गिरफ्तारी है। प्रियान ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह लंबे समय से भारत में ही रह रहा था जबकि उनके पूर्वज बांग्लादेशी थे। एसटीएफ का कहना है कि इस रैकेट में शामिल अन्य 69 पासपोर्ट धारकों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश तेजी से जारी है। जल्द ही बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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एक अन्य की तलाश जारी है
फर्जी पासपोर्ट मामले में दो अन्य गिरफ्तारियां हुई है, जिसमें एक आरोपी फर्जी कागजात पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने वाला है, अन्य की तलाश जारी है।
-राजेश भदौरिया, एसपी एसटीएफ
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