Aniruddh Singh
19 Jan 2026
Aniruddh Singh
19 Jan 2026
Aniruddh Singh
19 Jan 2026
Aniruddh Singh
19 Jan 2026
नई दिल्ली। इस साल धनतेरस पर सोने और चांदी की बिक्री ने सभी अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। इस दौरान लोगों ने लगभग एक लाख करोड़ रुपए की खरीदारी की। खास बात यह रही कि कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर होने के बावजूद खरीदारों का उत्साह कम नहीं हुआ। बिक्री का वॉल्यूम लगभग पिछले वर्ष जैसा ही रहा, जबकि मूल्य के हिसाब से इसमें करीब 25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त वृद्धि रही। उपभोक्ताओं ने इस बार ज्यादातर निवेश के उद्देश्य से सोने और चांदी के सिक्के खरीदे, जबकि हल्के गहनों की भी अच्छी मांग देखने को मिली।
ऑल इंडिया ट्रेडर्स कॉन्फेडरेशन (सीएआईटी) के मुताबिक धनतेरस पर भारतीयों ने करीब 1 लाख करोड़ रुपए खर्च किए। सीएआईटी के अनुसार सिर्फ सोने-चांदी की बिक्री ने 60,000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार लिया। भारत बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता के अनुसार, मुंबई के झवेरी बाजार समेत देशभर के प्रमुख स्वर्ण बाजारों में धनतेरस के दिन लंबी कतारें देखने को मिलीं। उन्होंने बताया कि इस बार की खरीदारी से स्पष्ट है कि उद्योग पिछले वर्ष की धनतेरस बिक्री के बराबर या उससे अधिक वॉल्यूम हासिल करने में सफल रहेगा।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार उपभोक्ता मुख्य रूप से 24 कैरेट के 10 ग्राम वाले सोने के सिक्कों की ओर आकर्षित हुए, जिनकी कीमत लगभग ₹1.40 लाख प्रति सिक्का रही। वहीं 22 और 18 कैरेट के हल्के गहनों की मांग बनी रही, जबकि युवा ग्राहकों ने 9 और 14 कैरेट के सस्ते विकल्पों को भी अपनाया। इससे साफ है कि उपभोक्ता उच्च दामों के बावजूद प्रतीकात्मक और निवेश-उन्मुख खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। कई लोगों ने पहले सोने की कीमतों में गिरावट की उम्मीद में खरीदारी रोक रखी थी, जब सुधार के संकेत नहीं मिले और सभी आर्थिक संकेतक आगे बढ़ते दामों की ओर इशारा करने लगे, तो वे फिर से खरीदारी के लिए आगे आए। कामा ज्वेलरी के प्रबंध निदेशक कॉलिन शाह ने बताया लोग अब सोने को सिर्फ गहने के रूप में नहीं, बल्कि एक रणनीतिक निवेश के रूप में देख रहे हैं।
देश की सबसे बड़ी ज्वैलरी रिटेल कंपनी तनिष्क के सीईओ अजय चौला ने भी कहा कि रिकॉर्ड ऊंची कीमतों के बावजूद इस बार उपभोक्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। लोग या तो पुराने गहनों को अपग्रेड कर रहे हैं या सोने के सिक्कों में निवेश बढ़ा रहे हैं। इस वर्ष धनतेरस मुहूर्त दो दिनों 18 और 19 अक्टूबर में पड़ा, जिससे व्यापार को अतिरिक्त समय मिला। शुक्रवार को सोने का बंद भाव ₹1,34,800 प्रति 10 ग्राम और चांदी का ₹1,74,306 प्रति किलोग्राम रहा, जिस पर 3% जीएसटी भी लागू था। पिछले वर्ष की तुलना में सोने की कीमतें लगभग 65% और चांदी की 81% बढ़ चुकी हैं। कैलान ज्वैलर्स के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर रमेश कल्याणरमन ने बताया कि कई जगहों पर सोने और चांदी के सिक्कों की मांग आपूर्ति से अधिक रही।
खुदरा विक्रेताओं ने ऊंची कीमतों से बिक्री पर असर पड़ने की आशंका जताई थी, लेकिन हुआ इसका उल्टा खरीदारों ने उत्साह दिखाते हुए रिकॉर्ड स्तर की मांग की। दक्षिण भारत अभी भी देश का सबसे बड़ा स्वर्ण बाजार बना हुआ है, जहां कुल वार्षिक उपभोग का लगभग 40% हिस्सा जाता है। लेकिन इस बार सिक्कों की मांग देशभर में समान रूप से मजबूत रही। जॉयलुक्कस के सीईओ बेबी जॉर्ज ने कहा कि इस बार की बिक्री न केवल मूल्य के लिहाज से बल्कि मात्रा के मामले में भी पिछले साल से अधिक रहने की संभावना है। कुल मिलाकर, इस धनतेरस पर सोने की चमक पहले से कहीं अधिक दमक उठी। बढ़ती कीमतों के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं ने परंपरा और निवेश दोनों का संतुलन बनाए रखते हुए सोने-चांदी की खरीदारी में गहरी आस्था और आर्थिक समझदारी दोनों का परिचय दिया।