जम्मू-कश्मीर में सुबह-सुबह कांपी धरती :बारामूला में 4.7 तीव्रता का भूकंप, पाकिस्तान में भी दिखा असर

बारामूला। जम्मू-कश्मीर में सोमवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। गहरी नींद में सो रहे लोग अचानक झटकों से जाग गए और कड़कड़ाती ठंड के बावजूद घरों से बाहर निकल आए। तड़के करीब 5:35 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.7 मापी गई, जिसे मध्यम श्रेणी का भूकंप माना जाता है।
भूकंप का केंद्र उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के पट्टन क्षेत्र में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे बताया गया है। झटके कुछ ही सेकंड तक रहे, लेकिन इनकी तीव्रता इतनी थी कि घाटी के कई इलाकों में लोग सहम गए।
बारामूला से लेकर श्रीनगर तक महसूस हुए झटके
भूकंप का असर केवल बारामूला तक सीमित नहीं रहा, बल्कि श्रीनगर, पुलवामा, सोपियां, चरार-ए-शरीफ और आसपास के कई जिलों में भी धरती हिलती महसूस की गई। कई घरों में खिड़कियां और दरवाजे हिलने लगे, जिससे लोगों में डर और घबराहट फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, झटके अचानक आए और कुछ सेकंड में थम गए, लेकिन उस दौरान लोगों को ऐसा लगा मानो कोई बड़ा हादसा होने वाला हो।
भारत के साथ पाकिस्तान में भी दिखा असर
इस भूकंप का असर भारत के साथ-साथ पाकिस्तान के कुछ इलाकों में भी महसूस किया गया। सीमा पार कई लोगों ने भी झटकों की पुष्टि की है। विशेषज्ञों के अनुसार, चूंकि भूकंप का केंद्र संवेदनशील टेक्टोनिक प्लेट क्षेत्र में था, इसलिए इसका प्रभाव सीमाओं से परे भी दर्ज किया गया।
नुकसान की कोई सूचना नहीं
गनीमत की बात यह रही कि अब तक इस भूकंप से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि, सभी जिलों से रिपोर्ट ली जा रही है और फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है। प्रशासन ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि, भूकंप का केंद्र घाटी क्षेत्र में था, लेकिन इसकी तीव्रता इतनी नहीं थी कि बड़े पैमाने पर नुकसान हो।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए CCTV वीडियो
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कई सीसीटीवी वीडियो वायरल हो गए, जिनमें झटकों की तीव्रता साफ नजर आ रही है। वीडियो में दुकानों, घरों और कार्यालयों में रखे सामान हिलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
कुछ लोगों का दावा है कि, झटके करीब 30 सेकंड तक महसूस किए गए, जबकि आधिकारिक तौर पर इन्हें कुछ सेकंड का बताया गया है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने भूकंप की तीव्रता 4.8 तक होने का अनुमान भी लगाया, हालांकि आधिकारिक आंकड़ों में तीव्रता 4.7 ही दर्ज की गई है।
कितनी खतरनाक थी भूकंप से निकली ऊर्जा?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस भूकंप से निकलने वाली ऊर्जा लगभग 239 टन TNT विस्फोट के बराबर आंकी गई है। हालांकि इसका प्रभाव सीमित क्षेत्र तक ही रहा, लेकिन अगर यही भूकंप ज्यादा गहराई या अधिक तीव्रता के साथ आता, तो हालात गंभीर हो सकते थे।
भूकंप के लिहाज से क्यों संवेदनशील है कश्मीर?
कश्मीर घाटी भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील मानी जाती है। यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा के पास स्थित है। इसी वजह से यहां समय-समय पर हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। इतिहास पर नजर डालें तो कश्मीर ने कई विनाशकारी भूकंप झेले हैं, जिनकी याद आज भी लोगों के मन में डर पैदा कर देती है।
2005 का विनाशकारी भूकंप
8 अक्टूबर 2005 को आए भीषण भूकंप की यादें आज भी लोगों को सिहरने पर मजबूर कर देती हैं। उस भूकंप की तीव्रता 7.6 थी और इसका केंद्र पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में था। उस भयावह हादसे में 80 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई थी, लाखों लोग बेघर हो गए थे और पूरे इलाके में भारी तबाही मच गई थी। सोमवार को आए भूकंप के झटकों ने उसी दर्दनाक मंजर की याद ताजा कर दी।
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