सीएम साय ने बिलासपुर में फहराया तिरंगा, कहा- गुरु घासीदास का संदेश 'मनखे-मनखे एक समान' भारतीय गणतंत्र की आत्मा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गणतंत्र दिवसर पर बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा गुरु घासीदासजी का संदेश मनखे-मनखे एक समान भारतीय गणतंत्र की आत्मा है। उन्होंने कहा भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है।
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सीएम साय ने बिलासपुर में फहराया तिरंगा, कहा- गुरु घासीदास का संदेश 'मनखे-मनखे एक समान' भारतीय गणतंत्र की आत्मा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    बिलासपुर। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया। साथ ही छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष पदक प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संविधान लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय की मजबूत नींव है।

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    संविधान की आत्मा: समानता और समरसता

    मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस को बलिदान और स्मरण का पर्व बताते हुए स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन किया। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि संविधान समान अधिकार, सामाजिक समरसता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। बाबा गुरु घासीदास जी के संदेश मनखे-मनखे एक समान को उन्होंने भारतीय गणतंत्र की आत्मा बताया। 

    सेवा, सुशासन और समृद्धि की दिशा में राज्य

    मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, शिक्षा-स्वास्थ्य, औद्योगिक विस्तार और सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग—किसान, श्रमिक, महिला और युवा—को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संकल्पबद्ध है।

    नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार

    मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए बड़ी चुनौती रही है, लेकिन सुरक्षा बलों के साहस और सतत अभियानों से स्थिति निर्णायक मोड़ पर है। मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। आत्मसमर्पण और पुनर्वास योजनाओं, बस्तर कैफे तथा नियद नेल्ला नार जैसी पहलों से प्रभावित क्षेत्रों में विकास तेज हुआ है।

    किसान, महिला और श्रमिक सशक्तीकरण

    मुख्यमंत्री ने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंची है और किसानों को देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। बीते दो वर्षों में डेढ़ लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में अंतरित किए गए हैं। महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सहायता दी जा रही है। श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

    शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक भविष्य

    प्रदेश में अब 15 मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हो चुके हैं। स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, हिंदी में एमबीबीएस और मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जैसे कदम शिक्षा-स्वास्थ्य को सुदृढ़ कर रहे हैं। नई औद्योगिक नीति के तहत 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। 

    विकसित छत्तीसगढ़ का सामूहिक संकल्प

    मुख्यमंत्री ने पर्यटन, डिजिटल गवर्नेंस और जनभागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता जरूरी है। अंत में उन्होंने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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