Garima Vishwakarma
14 Jan 2026
गणेश चतुर्थी नए आरंभ, दिव्य ज्ञान और विघ्नों को दूर करने का त्योहार है। इस साल यह पर्व बुधवार, 27 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा। 10 दिनों तक चलने वाला गणेशोत्सव क्यों इतना खास माना जाता है? आइए जानते हैं।
भगवान गणेश विघ्नहर्ता और बुद्धि के प्रतीक हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने महर्षि वेदव्यास की मदद से दुनिया के सबसे बड़े महाकाव्य 'महाभारत' को लिखा था।
जब वेदव्यास जी महाभारत रचना करना चाहते थे, तो उन्होंने गणेश जी से सहायता मांगी। गणेश जी बोले – ‘मैं तभी लिखूंगा जब आप बिना रुके बोलेंगे।’ इस पर वेदव्यास जी ने कहा – ‘आप भी बिना समझे कुछ नहीं लिखेंगे।’ इसी समझौते से महाभारत की रचना शुरू हुई।
गणेश जी ने लगातार 10 दिनों तक बिना रुके महाभारत लिखा। इन दिनों में उन्होंने भोजन या विश्राम नहीं किया। पूरा काम समर्पण और ध्यान के साथ किया। दसवें दिन गणेश जी ने सरस्वती नदी में स्नान किया, जिसके बाद महाभारत की रचना पूरी हुई। इसी कारण गणेशोत्सव 10 दिनों तक मनाया जाता है।
गणेशोत्सव के दसवें दिन बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। यह उनके दिव्य लोक वापसी का प्रतीक है। इस दिन हम सब गणेश जी से आशीर्वाद मांगते हैं कि हमारे जीवन से सभी बाधाएं दूर हों और नई शुरुआत हो।