नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से आरंभ हो रहा है, और इसकी शुरुआत कई महत्वपूर्ण विधायी गतिविधियों के साथ होगी। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सदन में तीन नए विधेयक पेश करेंगी। इनमें सबसे पहला 'मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025' होगा, जिसके माध्यम से मणिपुर जीएसटी अधिनियम, 2017 में संशोधन का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद वित्त मंत्री 'केंद्रीय उत्पाद-शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025' और 'स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025' बिल प्रस्तुत करेंगी। स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च के लिए नए राजस्व स्रोत तैयार करना है, जिसके तहत कुछ विशिष्ट मशीनों और उत्पादन प्रक्रियाओं पर उपकर लगाने का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री 2025-26 के लिए अनुदानों की पहली अनुपूरक मांगें भी सदन में रखेंगी, जिन पर बाद में चर्चा और निर्णय होगा।
राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के तीन नवनिर्वाचित सांसद—शम्मी ओबेरॉय, सज्जाद अहमद किचलू और चौधरी मोहम्मद रमजान—उपराष्ट्रपति और सभापति सीपी राधाकृष्णन के समक्ष शपथ लेंगे। उल्लेखनीय है कि यह निर्वाचन 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में हुए पहले राज्यसभा चुनाव का हिस्सा है, जिसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस ने तीन सीटें और भाजपा ने एक सीट जीती थी। सत्र के पहले ही दिन राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति अपनी वह रिपोर्ट भी पेश करेगी, जिसमें सदन के भीतर तख्तियां प्रदर्शित करने को लेकर विशेषाधिकार हनन के आरोपों की जांच की गई है। इसके अलावा, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव 'जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024' को मणिपुर में लागू करने से संबंधित वैधानिक प्रस्ताव पेश करेंगे।
पूरे शीतकालीन सत्र के दौरान 2025-26 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान भी प्रस्तावित है। 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलने वाला यह शीतकालीन सत्र कुल 15 बैठकों का होगा, जिसमें कई अहम विधायी और संसदीय कार्यवाही होने की उम्मीद है।