Aakash Waghmare
19 Jan 2026
मुरादाबाद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में लगे एक बीएलओ ने आत्महत्या कर ली। यह घटना 29-30 नवंबर की रात की है। सर्वेश सिंह नाम के बीएलओ का शव घर के कमरे में पंखे से लटका मिला। पुलिस को वहां से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने एसआईआर का टारगेट पूरा न कर पाने को मौत की वजह बताया है।
सर्वेश सिंह (46) भगतपुर थाना क्षेत्र के जाहिदपुर सीकमपुर गांव के बूथ नंबर 406 पर तैनात थे। परिवार का आरोप है कि उन्हें बिना ट्रेनिंग बीएलओ की ड्यूटी दे दी गई थी और लगातार उनसे ज्यादा काम करने का दबाव बनाया जा रहा था। इसी तनाव में उन्होंने यह कदम उठा लिया।
आत्महत्या से पहले सर्वेश ने बेसिक शिक्षा अधिकारी के नाम तीन पेज का सुसाइड नोट लिखा। इसमें उन्होंने लिखा- रात-दिन काम कर रहा हूं लेकिन एसआईआर का टारगेट पूरा नहीं हो पा रहा। रात चिंता में कटती है। सिर्फ 2–3 घंटे सो पाता हूं। इससे साफ है कि वह काफी मानसिक दबाव में थे।
सर्वेश की मौत के बाद कई शिक्षक उनके घर पहुंचे। उनका कहना है कि एसआईआर के बहुत से फॉर्म अभी जमा नहीं हुए हैं, लेकिन अधिकारियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। कम समय में ज्यादा काम की वजह से सभी बीएलओ परेशान हैं।
परिजनों ने बताया कि सर्वेश करीब 80 फॉर्म कहीं रखकर भूल गए थे, यह बात उन्हें और परेशान कर रही थी। उनकी मदद के लिए उनका भांजा जितेंद्र और पत्नी भी साथ देते थे, लेकिन फिर भी सर्वेश तनाव में थे। परिवार ने कई बार उन्हें समझाया पर वे चिंता में रहते थे।
सर्वेश की मां ने बताया कि एसआईआर के लिए उनके बेटे को रात में 2-2 बजे तक फोन आते थे। पत्नी ने कहा कि मौत से पहले घर में मेहमान आए थे, लेकिन सर्वेश ठीक से खाना भी नहीं खा पाए। अब परिवार सरकार से 1 करोड़ रुपये मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहा है।
जिलाधिकारी अनुज सिंह ने बताया कि सर्वेश अपने काम में अच्छे थे। वे लगभग 67% फॉर्मों का डिजिटलाइजेशन कर चुके थे, जो औसत से काफी बेहतर है। उनकी मदद के लिए एक आंगनबाड़ी कर्मी भी लगाया गया था।