Naresh Bhagoria
19 Jan 2026
फ्रांस इस समय बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। देश के नए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने अपने कैबिनेट का गठन करने के कुछ ही घंटों बाद इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के करीबी माने जाने वाले लेकोर्नू ने अचानक फैसला लेकर सबको चौंका दिया।
लेकोर्नू ने 6 अक्टूबर को अपना इस्तीफा दिया। वे हाल के फ्रांसीसी इतिहास में सबसे कम समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले नेता बन गए। उन्हें महज 27 दिन पहले प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था।
लेकोर्नू ने रविवार को अपना नया मंत्रिमंडल बनाया था, जो लगभग पूर्व पीएम फ्रांस्वा बायरू की कैबिनेट जैसा ही था। इस पर सत्तारूढ़ गठबंधन के कई दलों ने असंतोष जताया और बदलाव की कमी की आलोचना की।
दक्षिणपंथी आरएन पार्टी के अध्यक्ष जॉर्डन बार्डेला ने कहा कि चुनाव कराए बिना और संसद को भंग किए बिना स्थिरता संभव नहीं है। वहीं, वामपंथी एलएफआई पार्टी के नेता जीन-ल्यूक मेलेंचन ने मैक्रों को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने की मांग की। एलएफआई की प्रमुख सदस्य मथिल्डे पैनोट ने तो सीधे मैक्रों के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा- उलटी गिनती शुरू हो गई है।
सितंबर की शुरुआत में मैक्रों ने राजनीतिक संकट को हल करने के लिए लेकोर्नू को अपना सातवां प्रधानमंत्री नियुक्त किया था। इससे पहले पूर्व पीएम फ्रांस्वा बायरू और मिशेल बार्नियर भी बजट को लेकर विवादों में रहे थे। अब लेकोर्नू के इस्तीफे से संकट और गहराता दिख रहा है।