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फिजी में HIV ने बढ़ाई टेंशन! 9,100 संक्रमित और 117 मौतें, तेजी से बढ़ते मामलों के बीच लगा आपातकाल

फिजी में बढ़ते HIV संक्रमण ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हालात को देखते हुए देश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, फिजी में करीब 9,100 लोग HIV के साथ जी रहे हैं। वहीं 2025 में HIV से जुड़ी 117 मौतें दर्ज की गईं।
फिजी में HIV ने बढ़ाई टेंशन! 9,100 संक्रमित और 117 मौतें, तेजी से बढ़ते मामलों के बीच लगा आपातकाल
फिजी में करीब 9,100 लोग HIV के साथ जी रहे

दक्षिण प्रशांत महासागर के छोटे से देश फिजी में HIV संक्रमण तेजी से बढ़ने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया गया है। सरकार के मुताबिक, देश में अब हर 60 वयस्कों में से करीब एक HIV से संक्रमित है। पांच साल पहले यह आंकड़ा हर 167 वयस्कों में एक था। सरकार ने इस बढ़ते संकट से निपटने के लिए जांच, इलाज और बचाव की सुविधाएं बढ़ाने का फैसला किया है।

करीब 9,100 लोग HIV के साथ जी रहे

संयुक्त राष्ट्र की UNAIDS रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में फिजी में करीब 9,100 लोग HIV के साथ जी रहे थे। इनमें से सिर्फ 39 प्रतिशत लोगों को अपनी HIV स्थिति की जानकारी थी, जबकि करीब 22 प्रतिशत लोग एंटीरेट्रोवायरल इलाज ले रहे थे।  जानकारी के मुताबिक, 2010 से 2025 के बीच फिजी में नए HIV संक्रमण में करीब 12 गुना बढ़ोतरी हुई है। फिजी के स्वास्थ्य मंत्री एंटोनियो लालाबालावु ने कहा कि अब पहले जैसी सीमित कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। सरकार को पूरे देश में मिलकर इस संकट से निपटना होगा। इसके लिए एक पांच सदस्यीय कैबिनेट समिति भी बनाई गई है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही रुकावटों को दूर करने पर काम करेगी।

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2025 में 117 लोगों की HIV से मौत

फिजी के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में HIV से जुड़ी 117 मौतें दर्ज हुईं। इनमें 17 बच्चे 15 साल से कम उम्र के थे। इसी साल देश में 2,016 नए HIV मामले दर्ज किए गए, जो 2024 के 1,583 मामलों से 27 प्रतिशत ज्यादा थे। बच्चों में संक्रमण बढ़ना भी बड़ी चिंता है। स्वास्थ्य आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में 67 बच्चों में HIV की पुष्टि हुई। इनमें कई मामले मां से बच्चे में संक्रमण से जुड़े थे। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान समय पर जांच और इलाज से ऐसे कई मामलों को रोका जा सकता है।

संक्रमण फैलने की बड़ी वजहें क्या हैं?

जानकारी के मुताबिक, जिन मामलों में संक्रमण का कारण पता चला, उनमें आधे से ज्यादा मामले यौन संपर्क से जुड़े थे, जबकि 42 प्रतिशत से ज्यादा मामले इंजेक्शन के जरिए नशीली दवाओं के इस्तेमाल से जुड़े थे। खास तौर पर एक ही सुई या इंजेक्शन उपकरण का इस्तेमाल करने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता है। फिजी में बढ़ते नशीली दवाओं के इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई गई है। इसी वजह से सरकार अब नशीली दवाओं का इंजेक्शन लेने वाले लोगों के लिए सुरक्षित सुई और सिरिंज उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है।

मुफ्त जांच और PrEP पर जोर

सरकार ने HIV की मुफ्त और गोपनीय जांच बढ़ाने का फैसला किया है। इसके साथ ही HIV से बचाव के लिए PrEP दवा की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। संक्रमित लोगों को इलाज से जोड़ने और इलाज जारी रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि HIV से संक्रमित लोगों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील की है कि डर और शर्म के कारण जांच से दूर न रहें।

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भारत समेत दूसरे देशों से भी सहयोग

फिजी के इस संकट पर UNAIDS ने सरकार के कदम का समर्थन किया है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी फिजी के साथ काम कर रही हैं। मौजूदा संकट ने यह सवाल फिर सामने ला दिया है कि HIV आज भी कई देशों के लिए बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। HIV का इलाज इसे पूरी तरह शरीर से खत्म नहीं करता, लेकिन ART यानी एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी से वायरस को नियंत्रित किया जा सकता है। समय पर जांच और इलाज मिलने पर HIV के साथ लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीना संभव है। इसलिए फिजी में इस समय सबसे ज्यादा जोर जांच, इलाज, बचाव और लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर दिया जा रहा है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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