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सऊदी को पाकिस्तान और तुर्किये ने दिया धोखा, अब मदद कर सकता है इजराइल

सऊदी अरब पर हूतियों के बढ़ते हमलों के बीच पाकिस्तान और तुर्किये की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अब इजराइल और ब्रिटेन से मदद की खबर सामने आई है। जानिए पूरा मामला।
सऊदी को पाकिस्तान और तुर्किये ने दिया धोखा, अब मदद कर सकता है इजराइल

जेरूसलम/जेद्दाह। हूतियों के हमलों का सामना कर रहे सऊदी अरब का साथ उसके दो मित्रों पाकिस्तान और तुर्किये ने छोड़ दिया है। तीनों देशों ने एक साथ रहने और हमला होने की स्थिति में मिलकर दुश्मन को जवाब देने के लिए मक्का पैक्ट किया था। मक्का पैक्ट होने के कुछ दिन बाद ही खत्म होता नजर आ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब हूतियों ने सऊदी अरब पर हमले शुरू किए तो न तो पाकिस्तान और न ही तुर्किये सऊदी की मदद के लिए सामने आया। उल्टा पाकिस्तान ने तो यहां तक कह दिया कि मक्का एग्रीमेंट म्यूचुअल है, अगर कोई देश मदद मांगता है तो उसकी मदद की जा सकती है। इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने संकेत दिया कि वह तीसरे देश (यमन) में सैन्य कार्रवाई नहीं कर सकता। इस मामले में तुर्किये के अधिकारियों ने कहा कि उनकी संसद ने अभी तक रक्षा संधि को मंजूरी नहीं दी है। इस संधि को औपचारिक संस्थागत प्रक्रियाओं से गुजरना। इसके साथ ही तुर्किये की तरफ से कहा गया कि रियाद ने हूती हमलों के बढ़ने के मामले में सैन्य दखल या मदद के लिए अंकारा से कोई अनुरोध या मांग नहीं की है।

इन दिनों हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को चोक कर दिया है। इससे सऊदी की तेल पाइपलाइन, जो 50 मिलियन बैरल ऑयल रोज रेड के रास्ते दुनिया को भेज सकती थी, अब तेल नहीं भेज पा रही है। हूतियों ने इसके साथ ही मक्का को भी निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन सऊदी एयर डिफेंस ने उसे नाकाम कर दिया।

अमेरिका के जरिए इजराइल से मदद मांगनी पड़ी

हूतियों के हमले के बीच इजराइल के अखबार द जेरूसलम पोस्ट ने खुलासा किया है कि इजराइल और सऊदी अरब ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड की मध्यस्थता में बातचीत की है, ताकि सऊदी इजराइल से खुफिया जानकारी लेकर हूतियों के हमले से खुद को बचा सके। अखबार ने कहा कि सऊदी की मदद की मांग मुख्य रूप से खुफिया जानकारी साझा करने पर केंद्रित थी, ताकि इलाके में हूती सैन्य तैनाती की जानकारी मिल सके और भविष्य के अभियानों का पता लगाया जा सके। गौरतलब है कि इजराइली सेना पहले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास समुद्री क्षेत्र में अपनी खुफिया क्षमताओं का प्रदर्शन कर चुकी है। यहां तक कि इजराइल ईरान की सेना की जानकारी जुटाने में अमेरिका की मदद भी कर रहा है।

ब्रिटेन से भी सहायता मांगी

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट से सामने आया है कि सऊदी अरब ने बाब अल-मंदेब से हूतियों को खदेड़ने के लिए ब्रिटेन से भी सहायता मांगी है। हूती विद्रोहियों ने सऊदी के तेल के ढांचे को निशाना बनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश पीएम बर्नहम सऊदी अरब की मदद के लिए ब्रिटिश सैन्य सलाहकार भेजने पर सहमत हो गए हैं।

ईरान के प्रॉक्सी हैं हूती

माना जाता है कि ईरान पश्चिम एशिया में 20 आतंकी संगठनों के नेटवर्क को चलाता है या समर्थन करता है, इन्हीं में से एक हैं हूती। हूती विद्रोही यमन से ऑपरेट करते हैं और ईरान के समर्थन में सऊदी अरब पर हमले कर रहे हैं। ईरान और अमेरिका की जंग से सऊदी अपना तेल गल्फ से होकर नहीं भेज पा रहा है। इसकी भरपाई वो तेल पाइपलाइन से करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हूतियों ने रेड सी के एक हिस्से को ब्लॉक कर उसे रोक दिया है। 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य वाले समुद्री रास्ते पर खतरों को देखते हुए, सऊदी अरब ने तेल निर्यात के लिए एक पाइपलाइन बनाई थी, जो 1200 किमी लंबी है।

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हूतियों ने कहां-कहां किए बड़े हमले

खमीस मुशैत, आभा और ताइफा में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन ने आम नागरिकों और सेना के इलाकों को निशाना बनाया। इससे 13 लोग घायल हो गए और घरों व गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। सऊदी अरब के एयर डिफेंस ने पवित्र शहर के ठीक दक्षिण में एक हूती ड्रोन को रोका। सऊदी अधिकारियों ने इसे रेड लाइन पार करने जैसा बताया। हालांकि हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने से इनकार किया। हूती विद्रोहियों ने यानबू में सऊदी अरामको की सुविधाओं पर हमले करने और रेड सी में तेल टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया।

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यूएई ले चुका है इजराइल की मदद

इजराइल ने यूएई को ईरानी हमलों से बचाने के लिए आयरन डोम और लेजर-बेस्ड आयरन बीम सिस्टम भेजा था। इसके अलावा दूर से ही ड्रोन का पता लगाने के लिए स्पेक्ट्रो सर्विलांस गियर उपलब्ध कराया। जमीन पर इन जटिल डिफेंस सिस्टम को ऑपरेट करने में मदद के लिए इजराइली सैनिक यूएई जाने की भी सूचनाएं आ चुकी हैं।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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