फेडरल बैंक, डीसीबी बैंक और साउथ इंडियन बैंक के शेयर 16.5% तक उछले, उम्मीद से बेहतर रहे तिमाही नतीजे

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फेडरल बैंक, डीसीबी बैंक और साउथ इंडियन बैंक के शेयर 16.5% तक उछले,  उम्मीद से बेहतर रहे तिमाही नतीजे
सांकेतिक फोटो

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में बैंकिंग सेक्टर ने सोमवार को शानदार प्रदर्शन किया। खासतौर पर फेडरल बैंक, डीसीबी बैंक और साउथ इंडियन बैंक के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जो तिमाही नतीजों के बाद 16.5% तक उछल गए। इन तीनों बैंकों ने वित्त वर्ष 2025–26 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) के नतीजे जारी किए, जिनमें भले ही कुछ मिश्रित संकेत मिले हों, लेकिन समग्र रूप से प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा। फेडरल बैंक के शेयर 7% बढ़कर ₹227 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 9.6% घटकर ₹955.26 करोड़ रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह ₹1,056.69 करोड़ था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) यानी ब्याज से कमाई अब तक के सर्वोच्च स्तर ₹2,495 करोड़ पर पहुंच गई। बैंक ने अपने गैर-ब्याज राजस्व में भी रिकॉर्ड ₹886 करोड़ दर्ज किए, जो बैंक की मजबूत गैर-ब्याज आमदनी का संकेत है।

फेडरल बैंक के शेयरों में 7% की उछाल

बैंक की सीएएसए अनुपात (करेंट एकाउन्ट सेविंग एकाउन्ट रेशियो) 31.01% तक बढ़ी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 94 बेसिस पॉइंट अधिक है। परिचालन लाभ भी क्रमिक रूप से 5.65% बढ़कर ₹1,644 करोड़ हो गया। यानी लाभ में हल्की गिरावट के बावजूद बैंक की आय संरचना मजबूत रही, जिससे निवेशकों का भरोसा बना रहा। डीसीबी बैंक ने भी निवेशकों को खुश किया। बैंक का शुद्ध लाभ 18.3% बढ़कर ₹184 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹155 करोड़ था। बैंक की एनआईआई 17.1% बढ़कर ₹596 करोड़ हो गई, जो मार्जिन सुधार और कम लागत वाले जमा के कारण संभव हुआ। नेट इंटेरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) 3.23% रही, जो पिछले वर्ष की 3.20% से बेहतर है।

डीसीबी बैंक ने भी निवेशकों को खुश किया

डीसीबी बैंक की ऐसेट क्वालिटी यानी ऋण गुणवत्ता में भी मामूली सुधार देखा गया, सकल एनपीए 2.98% से घटकर 2.91% और शुद्ध एनपीए 1.22% से घटकर 1.21% पर आ गया। यह संकेत देता है कि बैंक के खराब ऋणों पर नियंत्रण बेहतर हुआ है। वहीं साउथ इंडियन बैंक के शेयरों में सबसे अधिक 16% की तेजी देखी गई। बैंक ने इस तिमाही में ₹351 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8.2% अधिक है। हालांकि, बैंक की एनआईआई 8.3% घटकर ₹809 करोड़ रही, फिर भी अन्य आय में 26% की वृद्धि के साथ ₹516 करोड़ तक जा पहुंची, जिसने कुल आय को सहारा दिया। बैंक की संपत्ति गुणवत्ता में सुधार देखा गया।

बैंकों के नतीजों ने निवेशकों में पैदा किया उत्साह

ग्रास एनपीए 3.15% से घटकर 2.93% और नेट एनपीए 0.68% से घटकर 0.56% पर आ गया। इन तीनों बैंकों के बेहतर नतीजों और स्थिर ऋण गुणवत्ता के कारण निवेशकों में बैंकिंग सेक्टर के प्रति नया उत्साह देखने को मिला। सुबह 10 बजे तक निफ्टी बैंक इंडेक्स 0.5% बढ़कर 57,996 पर पहुंच गया, जो वर्ष की शुरुआत से अब तक करीब 13% की बढ़त दिखा चुका है। कुल मिलाकर, इन बैंकों के मजबूत प्रदर्शन से यह स्पष्ट है कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर में आय वृद्धि और परिसंपत्ति सुधार की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है। निवेशक इसे मध्यम अवधि के लिए एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं, जिससे पूरे बैंकिंग सूचकांक में तेजी का माहौल बना हुआ है। 

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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