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सिंगापुर। एशियाई शेयर बाजारों में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस सप्ताह ब्याज दरों में कटौती की संभावना और चीन-अमेरिका के बीच ट्रेड डील की संभावना ने निवेशकों को उत्साह से भर दिया। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वार्ताओं में सकारात्मक प्रगति हुई है। क्वालालंपुर में हुई बैठक में चीन और अमेरिका के बीच टैरिफ, रेयर अर्थ मिरनल्स जैसे जरूरी मुद्दों पर समझौते पर सहमति बन गई है। इस समझौते को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच होने वाली शिखर बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा। इन दो खबरों में बाजारों में सकारात्मकता की भावना पैदा की, जिसकी वजह से सप्ताह के पहले दिन एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। यह तेजी व्यापक खरीदारी की वजह से आई। इसकी वजह से जापान और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख एशियाई बाजारों ने नए उच्च स्तर छू लिए। पिछले सप्ताह वॉल स्ट्रीट के रिकॉर्ड स्तर पर बंद होने से भी एशियाई बाजारों को समर्थन मिला।
निवेशक मान रहे हैं कि फेडरल रिजर्व अपनी दो-दिवसीय बैठक के अंत में बुधवार को ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करेगा। यह उम्मीद इसलिए बढ़ी क्योंकि हाल में जारी अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े उम्मीद से नरम रहे। बाजार पहले से ही इस कदम की संभावना को कीमतों में शामिल कर चुके हैं, और अब निवेशक यह जानने की कोशिश में हैं कि आगे फेड दरों में कितनी और कितनी जल्दी कटौती कर सकता है। दरों में कमी से वैश्विक पूंजी प्रवाह उभरते बाजारों की ओर बढ़ने की संभावना रहती है, जिससे एशियाई शेयरों में खरीदारी की लहर दिखाई दी। सकारात्मक माहौल को और बल मिला जब अमेरिका और चीन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में सप्ताहांत पर हुई वार्ता में एक प्रारंभिक व्यापारिक समझौते का खाका तैयार कर लिया।
यह समझौता इस सप्ताह दक्षिण कोरिया में होने वाले सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच संभावित मुलाकात का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बताया कि दोनों पक्षों ने नए टैरिफ लगाने और चीन द्वारा दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की योजनाओं को फिलहाल स्थगित करने पर सहमति जताई है। ट्रंप ने रविवार को पत्रकारों से कहा, मुझे लगता है कि हम चीन के साथ समझौते के बहुत करीब हैं। इस सकारात्मक माहौल का असर एशियाई शेयरों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। चीन का शंघाई-शेन्ज़ेन सीएसआई 300 सूचकांक 0.7% बढ़ा, जबकि शंघाई कंपोज़िट में 0.8% की बढ़त दर्ज हुई। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 1% चढ़ गया और टेक्नोलॉजी सूचकांक में 1.2% की तेजी आई। जापान का निक्केई सूचकांक अपने इतिहास में पहली बार 50,000 अंकों के पार पहुंच गया, जो 2% से अधिक की बढ़त के साथ 50,491 अंकों तक गया।
व्यापक टॉपिक्स सूचकांक भी 1.7% उछलकर रिकॉर्ड 3,328 अंकों पर पहुंचा। निवेशकों को उम्मीद है कि नई प्रधानमंत्री ताकाइची आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज लाएंगी जिससे महंगाई से राहत मिलेगी और जापान की धीमी आर्थिक सुधार प्रक्रिया को बल मिलेगा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक भी 2.3% उछलकर 4,038 अंकों के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसमें सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी चिप निर्माता कंपनियों में मजबूत बढ़त देखने को मिली। वहीं ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 और सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.4% की बढ़त के साथ ऊपर रहे। भारत के निफ्टी 50 वायदा कारोबार में हल्की तेजी दिखी, जिससे संकेत मिला कि घरेलू बाजार भी वैश्विक सकारात्मक रुख से प्रेरित होकर मजबूत शुरुआत कर सकता है। कुल मिलाकर, वैश्विक आर्थिक नरमी की संभावना और व्यापारिक तनावों में कमी से एशियाई शेयर बाजारों में आशावाद का माहौल बना हुआ है।