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आंखों में सूजन या धुंधलापन?चुपचाप खराब हो रही है किडनी, इन संकेतों को न करें इग्नोर

किडनी बीमारी कई बार आंखों से अपना पहला संकेत देती है। आंखों में सूजन, धुंधलापन, लालपन या सूखापन किडनी फंक्शन बिगड़ने की शुरुआती चेतावनी हो सकते हैं। इन हल्के दिखने वाले लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। जानें आंखों और किडनी के बीच का गहरा संबंध और कब तुरंत जांच करानी चाहिए।
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चुपचाप खराब हो रही है किडनी, इन संकेतों को न करें इग्नोर
Kidney Disease Warning Signs
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अक्सर लोग किडनी बीमारी को थकान, पैरों की सूजन या यूरिन में बदलाव से जोड़ते हैं, लेकिन कई बार शुरुआत आंखों से होती है। किडनी और आंखें दोनों ही बेहद नाजुक ब्लड वेसल्स और फ्लूइड बैलेंस पर निर्भर रहती हैं। जब किडनी अपना काम ठीक से नहीं कर पाती, तो इसका असर सीधा आंखों की नसों और विज़न पर पड़ता है।

    नेशनल किडनी फाउंडेशन के अनुसार, किडनी की खराबी से आंखों में सूजन, धुंधलापन और यहां तक कि रंग पहचानने में बदलाव भी आ सकता है। कई बार ये लक्षण सामान्य आंखों की बीमारी जैसे लगते हैं, जिससे असली समस्या पकड़ में नहीं आती।

    1. आंखों में लगातार सूजन

    अगर सुबह-सुबह या देर रात जागने से सूजन आती है तो सामान्य है, लेकिन अगर सूजन पूरे दिन बनी रहे, तो यह किडनी में प्रोटीन लीक होने का संकेत हो सकता है। किडनी जब प्रोटीन को ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती, तो यह यूरिन में निकलने लगता है और आंखों के आसपास सूजन की शक्ल में दिखता है। यदि सूजन के साथ यूरिन झागदार दिखे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

    2. धुंधला दिखना या दो-दो दिखाई देना

    अचानक विज़न का बदलना—धुंधलापन, दोहरी नजर—रेटिना की नसों के खराब होने का संकेत हो सकता है। हाई BP और डायबिटीज, जो किडनी खराब होने के बड़े कारण हैं, वे आंखों की छोटी नसों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इससे रेटिना में सूजन, आंख में फ्लूइड जमा और गंभीर मामलों में विज़न लॉस हो सकता है। डायबिटिक या BP मरीजों को विज़न में बदलाव दिखे तो किडनी फंक्शन टेस्ट जरूर कराएं।

    3. आंखों का सूखापन, जलन या खुरदुरापन

    ड्राई आई सिर्फ मौसम या स्क्रीन टाइम की वजह से नहीं होती। किडनी बीमारी बढ़ने पर, खासकर डायलिसिस लेने वाले मरीजों में, सूखी और जलन वाली आंखें बहुत आम हैं। कैल्शियम-फॉस्फोरस का असंतुलन और शरीर में टॉक्सिन बढ़ने से आंसू कम बनने लगते हैं। अगर आंखें अक्सर लाल, सूखी या चुभन वाली महसूस हों तो किडनी की जांच कराना जरूरी है।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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