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Karnataka Politics :सोशल मीडिया पर आमने-सामने आए सिद्धारमैया-शिवकुमार, तेज हुई जुबानी जंग

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासत तेज हो गई है। सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच सोशल मीडिया पर जंग छिड़ गई है। डीके शिवकुमार की पोस्ट पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जवाब दिया है। इससे लग रहा है कि आने वाले दिनों में यह सियासी लड़ाई और तेज हो सकती है।
सोशल मीडिया पर आमने-सामने आए सिद्धारमैया-शिवकुमार, तेज हुई जुबानी जंग
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    बेंगलुरु। कर्नाटक में सीएम की कुर्सी को लेकर चल रही सियासी जंग अब सोशल मीडिया पर नजर आने लगी है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री  सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर राज्य में हलचल तेज है। सोशल मीडिया पर जो पोस्ट हैं उन्हें देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि पॉवर शेयरिंग फॉर्मूला पर दोनों गुट अपनी-अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। इस वजह से दोनों तरफ तनाव भी बढ़ता जा रहा है। जानिए सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में क्या जाहिर करना चाहा।

    डीके शिवकुमार ने कहा Word is Power...

    Twitter Post

    वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने एक्स पर पोस्ट किया कि, जिसमें उन्होंने लिखा 'शब्द शक्ति ही विश्व शक्ति है। दुनिया की सबसे बड़ी ताकत अपनी बात पर कायम रहना है। चाहे वह जज हो, राष्ट्रपति हो या कोई और, चाहे मैं ही क्यों न हूं, सभी को अपनी बात पर चलना ही होगा। शब्द शक्ति ही विश्व शक्ति है।'

    सिद्धारमैया ने दिया जवाब-ऐसा नहीं है

    Twitter Post

    इसके जवाब में सीएम सिद्धारमैया ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि एक शब्द तब तक शक्ति नहीं है जब तक वह लोगों के लिए दुनिया को बेहतर न बनाए। यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि शक्ति योजना ने हमारे राज्य की महिलाओं को 600 करोड़ से ज़्यादा मुफ़्त यात्राएं प्रदान की हैं। सरकार बनने के पहले महीने से ही, हमने अपनी गारंटियों को शब्दों में नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर अमल में लाया।

    सिद्धारमैया ने गिनाए काम

    सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि ​मेरे पहले कार्यकाल में, 165 में से 157 वादे पूरे किए गए और 95 फीसदी से ज़्यादा वादे पूरे किए गए। इस कार्यकाल में, 593 में से 243+ वादे पूरे हो चुके हैं, और बाकी सभी वादे प्रतिबद्धता, विश्वसनीयता और सावधानी के साथ पूरे किए जाएंगे। जनता द्वारा दिया गया जनादेश एक  क्षणिक नहीं, बल्कि पूरे पांच वर्षों तक चलने वाली ज़िम्मेदारी है।  

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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