सर्दियों में सिर्फ होंठ और चेहरा ही नहीं, पैर की एड़ियां भी बहुत सूख जाती हैं। कभी-कभी यह इतनी ज्यादा फट जाती हैं कि खून तक निकल आता है। अक्सर हम इसे हल्का समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इससे बाद में बड़ी परेशानी हो सकती है। खासकर महिलाएं, जो दिनभर काम के कारण पैरों पर ज्यादा दबाव डालती हैं, इस समस्या से ज्यादा परेशान रहती हैं।
ऐसे में ग्लिसरीन और नींबू का घरेलू नुस्खा बहुत कारगर माना जाता है। यह एड़ियों को अंदर तक नमी देता है और मृत त्वचा को हटाकर उन्हें मुलायम बनाता है। आइए जानते हैं कि इन दोनों का सही तरीके से इस्तेमाल कैसे करें, ताकि आपकी एड़ियां फिर से सुंदर और हेल्दी दिखें।
फटी एड़ियां केवल दिखने में ही परेशान नहीं करतीं, बल्कि दर्द और कभी-कभी संक्रमण का कारण भी बन सकती हैं। सर्दियों में हवा सूखी हो जाती है और पैरों की त्वचा सबसे कम तेल पैदा करती है, जिससे नमी जल्दी चली जाती है और एड़ियों में दरारें पड़ने लगती हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक खड़े रहकर काम करने वाले लोग, जैसे शिक्षक, नर्स या सेल्स कर्मचारी, अधिक प्रभावित होते हैं क्योंकि उनके पैरों पर लगातार दबाव रहता है। गलत फुटवियर जैसे स्लिपर या बहुत कठोर जूते भी एड़ियों में कठोरता बढ़ा देते हैं और त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा, शरीर में विटामिन E, ओमेगा-3 फैटी एसिड और पानी की कमी त्वचा को कमजोर और रुखा बना देती है। मोटापा, डायबिटीज़ या थायरॉयड जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी एड़ियों के फटने में योगदान कर सकती हैं।
फटी एड़ियों के लिए ग्लिसरीन और नींबू प्राकृतिक और प्रभावी उपाय हैं। ग्लिसरीन एक शक्तिशाली ह्यूमेक्टेंट है, जो त्वचा में नमी खींचकर उसे लॉक करता है और दरारों को भरने में मदद करता है। यह त्वचा को तुरंत मुलायम बनाता है और रुखापन कम करता है। नींबू का साइट्रिक एसिड मृत त्वचा हटाने में मदद करता है, त्वचा को साफ और रंग को हल्का बनाता है, और संक्रमण से भी बचाता है।
इस उपचार को शुरू करने के लिए सबसे पहले गुनगुने पानी में थोड़ा नमक और कुछ बूंदें नींबू का रस डालकर पैरों को 10–15 मिनट भिगोएं। इससे मृत त्वचा नरम हो जाती है और उसे हटाना आसान हो जाता है। इसके बाद प्यूमिक स्टोन या फुट स्क्रबर से धीरे-धीरे कठोर परत हटाएं। अब ग्लिसरीन और नींबू का मिश्रण तैयार करें, जिसमें 1 चम्मच ग्लिसरीन, आधा चम्मच नींबू का रस और चाहें तो कुछ बूंदें गुलाबजल मिलाएं। इस मिश्रण को एड़ियों पर अच्छी तरह लगाकर सोते समय कॉटन के मोजे पहनें। सप्ताह में 3–4 बार इस प्रक्रिया को दोहराने से फटी एड़ियां धीरे-धीरे भर जाती हैं।
यह नुस्खा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनकी एड़ियों में हल्की से मध्यम दरारें हैं, जिनकी त्वचा बहुत सूखी हो जाती है, जो सर्दियों में पैरों में खिंचाव महसूस करते हैं, जिन्हें पैरों की बदबू या संक्रमण की शुरुआत महसूस होती है, और जो केमिकल युक्त क्रीम से बचना चाहते हैं।
फटी एड़ियों को दोबारा फटने से रोकने के लिए नियमित मॉइश्चराइजिंग बेहद जरूरी है। रात को सोने से पहले पैरों पर ग्लिसरीन या पेट्रोलियम जेली लगाना, ज्यादा देर तक नंगे पैर न चलना और पर्याप्त पानी पीना त्वचा को अंदर से हाइड्रेटेड रखता है। संतुलित आहार जैसे मेवे, बीज, दालें, हरी सब्जियां और ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त भोजन त्वचा को प्राकृतिक नमी देता है। साथ ही, सही और कुशन वाला फुटवियर पहनने से पैरों पर दबाव कम होता है। महीने में एक-दो बार हल्की स्क्रबिंग और मॉइश्चराइजिंग से एड़ियों को लंबे समय तक स्वस्थ और मुलायम रखा जा सकता है।