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EC का जवाब, EVM किसी OTP से अनलॉक नहीं होती और न ही किसी डिवाइस से कनेक्ट’, हैकिंग के आरोप खारिज

नई दिल्ली। पहले एलन मस्क और फिर राहुल गांधी द्वारा ईवीएम पर सवाल उठाए जाने के बाद एक बार फिर चुनाव आयोग ने ईवीएम पर अपना पक्ष रखा। मुंबई के एक अखबार में छपी खबर के बाद ईवीएम की हैकिंग के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। विपक्षी नेताओं के आरोपों पर इलेक्शन कमीशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर अपनी सफाई पेश की।

EC ने कहा कि EVM एक स्वतंत्र रूप से काम करने वाली (Standalone) मशीन है, जिसे अनलॉक करने के लिए न तो कोई OTP लगता और न ही इसे किसी अन्य डिवाइस से कनेक्ट किया जा सकता है। आयोग की तरफ से मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट की रिटर्निंग ऑफिसर वंदना सूर्यवंशी ने ये दावा किया।

अखबार को नोटिस जारी, मानहानि का केस भी

वंदना ने मुंबई उत्तर पश्चिम सीट को लेकर एक अखबार में छपी खबर को लेकर कहा कि यह खबर पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि इस केस में संबंधित समाचार पत्र को नोटिस जारी कर उसके आईपीसी के सेक्शन 499 के तहत मानहानि का केस भी दर्ज कराया गया है। इसके साथ ही वंदना सूर्यवंशी ने कहा कि आयोग कोर्ट ऑर्डर के बिना सीसीटीवी फुटेज भी किसी को नहीं दे सकता है, यहां तक कि पुलिस को भी नहीं। इधर मुंबई पुलिस ने इस मामले में इलेक्शन कमीशन की शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज कर ली है।

मस्क बोले- EVM को खत्म कर देना चाहिए

दरअसल, दुनिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन में एलन मस्क ने 15 जून को सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को खत्म कर देना चाहिए। इसे इंसानों या AI द्वारा हैक किए जाने का खतरा है। हालांकि ये खतरा कम है, फिर भी बहुत अधिक है।

मस्क की यह टिप्पणी, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए स्वतंत्र उम्मीदवार रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर के एक पोस्ट पर आई थी। कैनेडी जूनियर ने प्यूर्टो रिको के चुनावों में EVM से जुड़ी अनियमितताओं के बारे में बताया था और पेपर बैलेट पर लौटने की बात कही थी। अमेरिका में नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव होंगे।

राहुल ने दो पोस्ट की शेयर

उन्होंने एक्स पर अपने संदेश के साथ ही एक खबर भी शेयर की। इस खबर में मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से शिवसेना (शिंदे) के एक प्रत्याशी के 48 वोट से जीत को फर्जी करार देते हुए कई सवाल खड़े किए गए हैं। इसके अलावा, राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में एलन मस्क की एक पोस्ट को भी साझा किया, जिसमें मस्क ने ईवीएम को हटाने की बात कही थी। गौरतलब है कि विपक्ष लगातार ईवीएम पर चिंता जताता रहा है। विपक्षी दलों ने चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ‘वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल’ (VVPAT) पर्चियों का शत प्रतिशत मिलान करने की मांग की थी। अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने बयान जारी कर कहा था कि ईवीएम सुरक्षित हैं और इसमें छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।

मस्क को पूर्व आईटी मंत्री का जवाब

भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एलन मस्क पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मस्क का दावा, किसी भी व्यक्ति द्वारा सुरक्षित डिजिटल हार्डवेयर नहीं बनाया जा सकता, गलत है। उन्होंने इस भारतीय ईवीएम को विशेष डिज़ाइन का बताते हुए दावा किया कि इनमें कोई ब्लूटूथ या वाईफाई कनेक्टिविटी नहीं होती, जिससे इन्हें हैक किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि इन मशीनों को फैक्टरी प्रोग्राम किया जाता है और उन्हें दोबारा प्रोग्राम नहीं किया जा सकता। राजीव चंद्रशेखर ने एलन मस्क को एक्स पर ही जवाब देते हुए कहा कि “उनके विचार अमेरिका और अन्य जगहों के लिए सही हो सकते हैं, जहां इंटरनेट जुड़ी वोटिंग मशीनें हैं, लेकिन भारत में यह विवादित मुद्दा नहीं है।“ चंद्रशेखर ने ईवीएम पर एलन मस्क को एक ट्यूटोरियल चलाने के लिए भी आमंत्रित किया।

अखिलेश यादव ने भी उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रविवार को सोशल मीडिया मंच “एक्स” पर अपने एक पोस्ट में कहा, ‘टेक्नॉलजी’ समस्याओं को दूर करने के लिए होती है, अगर वही मुश्किलों की वजह बन जाए, तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। आज जब विश्व के कई चुनावों में EVM को लेकर गड़बड़ी की आशंका ज़ाहिर की जा रही है और दुनिया के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स EVM में हेराफेरी के ख़तरे की ओर खुलेआम लिख रहे हैं, तो फिर EVM के इस्तेमाल की ज़िद के पीछे की वजह क्या है, ये बात भाजपाई साफ़ करें। आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर (मतपत्र) से कराने की अपनी माँग को हम फिर दोहराते हैं।

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