कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार घुसपैठ को रोकने में पूरी तरह विफल रही है। शाह ने दावा किया कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो यहां घुसपैठ तो दूर, “परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा।”
दरअसल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे का मंगलवार को दूसरा दिन है। वे राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर यहां पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर 15 साल के शासन में भय का माहौल बनाने का आरोप लगाया।
शाह ने कहा कि टीएमसी के लंबे शासनकाल में आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में राजनीतिक हिंसा, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति चरम पर है। आगे गृह मंत्री ने भरोसा जताया कि भाजपा राज्य में बदलाव लाएगी और सत्ता में आने पर कानून-व्यवस्था को मजबूत करते हुए घुसपैठ पर सख्ती से रोक लगाएगी। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले विधानसभा चुनावों में इसका असर साफ दिखाई देगा।
बता दें पश्चिम बंगाल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 7 मई 2026 तक है। ऐसे में राज्य में विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल 2026 के बीच कराए जा सकते हैं। राज्य की विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं। फिलहाल राज्य में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार है और ममता बनर्जी मुख्यमंत्री पद पर हैं। आगामी चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
घुसपैठ का मुद्दा: अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता घुसपैठियों से त्रस्त है, लेकिन राज्य सरकार उन्हें रोकने के बजाय पनाह दे रही है। उन्होंने इसे न केवल बंगाल बल्कि पूरे देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया। शाह के मुताबिक, इस समस्या का समाधान केवल राष्ट्रवादी सरकार, यानी भाजपा ही कर सकती है।
महिला सुरक्षा: शाह ने आरोप लगाया कि ममता सरकार महिलाओं को सुरक्षा और अधिकार देने में पूरी तरह विफल रही है। संदेशखाली, आरजी कर समेत कई घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाई है।
बंगाल में हिंदुओं की स्थिति: केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब सिर्फ मरहम लगाने से काम नहीं चलेगा। बंगाल के हिंदुओं के दिल पर गहरे घाव हैं और अब ममता सरकार के जाने का समय आ गया है। उन्होंने दावा किया कि जनता भी इस “सांप्रदायिक सरकार” को हटाना चाहती है।
केंद्रीय योजनाएं रोके जाने का आरोप: शाह ने कहा कि टीएमसी शासन में बंगाल का विकास रुक गया है। जहां मोदी सरकार देशभर में गरीबी उन्मूलन के लिए काम कर रही है, वहीं बंगाल में केंद्रीय योजनाएं डेड एंड पर पहुंच गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों से बने नियमों का भी उल्लंघन करती है, मनमानी करती है और प्रॉक्सी अधिकारियों को बैठाती है।
2026 विधानसभा चुनाव: अमित शाह ने भरोसा जताया कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास मजबूत आधार है और भाजपा प्रचंड जीत के साथ राज्य में सत्ता हासिल करेगी।
बॉर्डर फेसिंग का मुद्दा:
अमित शाह ने कहा कि बॉर्डर पर फेसिंग के लिए जगह न देने वाली सरकार वही है जो बंगाल में सत्ता में है। उन्होंने सीधे तौर पर राज्य सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
घुसपैठ पर कार्रवाई नहीं:
शाह ने सवाल उठाया कि जब घुसपैठिए गांवों में घुसते हैं, तो उनके खिलाफ किसी तरह की सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।
अन्य राज्यों से तुलना:
शाह ने कहा कि अगर बंगाल की तरह कश्मीर, असम और त्रिपुरा के बॉर्डर पर घुसपैठ नहीं हो रही है, तो इसका कारण वहां की सख्त नीति और प्रभावी कार्रवाई है, जो बंगाल में देखने को नहीं मिलती।