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DU के सेंट स्टीफंस कॉलेज में शॉर्ट्स पहनने पर रोक!छात्र बोले- व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला, सत्रारंभ होते ही गरमाया माहौल

कॉलेज की तरफ से जारी नोटिस में जानकारी सामने आई कि छात्र अपनी क्लासरूम, ट्यूटोरियल रूम, लेबोरेटरी, लाइब्रेरी, असेंबली हॉल सहित चैपल में शॉर्ट्स पहनकर प्रवेश नहीं कर सकते हैं। प्रशासन ने कॉलेज के छात्रों से स्पष्ट तौर पर इन नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है।
छात्र बोले- व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला, सत्रारंभ होते ही गरमाया माहौल
NSUI ने ड्रेस कोड में नए फैसले पर विरोध जताया

दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज में नए शेक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है इसी के साथ यहां ड्रेस कोड को लेकर भी बड़ा विवाद सामने आया है। कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों के लिए कैंपस के कई अलग- अलग जगहों में शॉर्ट्स पहनने पर रोक लगा दी है। इससे छात्रों में गुस्सा बढ़ गया और वे इस फैसले से काफी नाराज दिख रहे हैं। कई इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दखल बताते हुए विरोध जता रहे हैं। जबकि कुछ छात्र का दावा है कि यह नियम कॉलेज की पुरानी परंपरा का जरूरी हिस्स है जिस वजह से इसे दोबारा लागू किया है। 

कौन- कौनसे हिस्सों में शॉर्ट्स पहनने पर लगा प्रतिबंध?

कॉलेज की तरफ से जारी नोटिस में जानकारी सामने आई कि छात्र अपनी क्लासरूम, ट्यूटोरियल रूम, लेबोरेटरी, लाइब्रेरी, असेंबली हॉल सहित चैपल में शॉर्ट्स पहनकर प्रवेश नहीं कर सकते हैं। प्रशासन ने कॉलेज के छात्रों से स्पष्ट तौर पर इन नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। वहीं इसके लिए जारी नोटिस पर कॉलोज की नई प्रिंसिपल प्रोफेसर सुसियान एलियास ने साइन किए हैं। कॉलेज में नए सेशन की शुरुआत हो चुकी है जिसके लिए कैंपस में कई अलग-अलग स्थानों पर इन नोटिस को लगाया गया है। 

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छात्रों में गुस्सा, कहा- पहनावे की स्वतंत्रता में दखल है

नए नियम लागू होने के बाद कई छात्रों में नाराजगी साफ देखी जा रही है। हालांकि कई छात्र तो ऐसे रहे जो नोटिस जारी होने के बाद भी पहले ही दिन शॉर्ट्स पहनकर कॉलेज पहुंचे। उन्होने बताया कि हम क्या पहनेंगे, कैसे आएंगे यह कॉलेज तय नहीं करेगा। इतना ही नहीं कई छात्रों ने इसे मोरल पुलिसिंग बताते हुए साफ कहा कि कॉलेज में शॉर्ट्स पहनने को लेकर ऑफिशियल रूप से रोक जैसी स्थिति रही है। लेकिन यह पहला मौका है जब इसे लिखित आदेश के रूप में लागू किया है। 

Gen Z इस रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगी : NSUI

इस मामले में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ का कहना है कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद के कपड़े पहनने, खाने और अभिव्यक्ति की पूरी स्वतंत्रता देता है। Gen Z संविधान के मूल्यों में विश्वास रखते हैं और वे मोरल पुलिसिंग के किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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यह नियम भी हुए लागू

कॉलेज प्रशासन ने ड्रेस कोड के अलावा परिसर के लिए कई अन्य नियम भी लागू किए हैं। पूरे कैंपस को स्मोक-फ्री घोषित किया गया है और धूम्रपान करते पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा छात्रों को परिसर की साफ-सफाई बनाए रखने, कचरा केवल डस्टबिन में डालने और हर समय अपना वैध कॉलेज आईडी कार्ड साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य कैंपस में अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाए रखना है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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