Shivani Gupta
3 Feb 2026
गुना। सरकारी अस्पतालों की संवेदनशीलता और डॉक्टरों की मेहनत जब रंग लाती है, तो किसी परिवार का जीवन खुशियों से भर जाता है। ऐसा ही एक सुखद मामला गुना जिला अस्पताल में सामने आया है, जहां ग्राम पिपरोद निवासी एक दंपत्ति का 8 साल लंबा संतान सुख का इंतजार समाप्त हुआ। डॉ. सतीश राजपूत और उनकी टीम के विशेष प्रयासों से सरोज और नरेश के घर में नन्हे मेहमान का आगमन हुआ है।
नरेश और उनकी पत्नी सरोज पिछले आठ वर्षों से संतान प्राप्ति के लिए संघर्ष कर रहे थे। सरोज को उच्च रक्तचाप की गंभीर समस्या थी, जिसके कारण पूर्व में उनका दो बार गर्भपात हो चुका था। पिछली बार स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें ग्वालियर रेफर करना पड़ा, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चों को बचाया नहीं जा सका। दो बार मिली असफलता के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका था।
तीसरी बार गर्भवती होने पर सरोज की स्थिति फिर से चिंताजनक होने लगी। ऐसे में परिजनों ने जिला अस्पताल के डॉ. सतीश राजपूत से संपर्क किया। डॉक्टर और उनकी मेडिकल टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरोज की विशेष देखरेख और उचित उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के सटीक इलाज और निरंतर निगरानी का ही परिणाम रहा कि सरोज के स्वास्थ्य में सुधार हुआ।
गत रात 11 बजे, डॉ. राजपूत और उनकी टीम ने सरोज का सफल ऑपरेशन किया, जिसके बाद उन्होंने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। वर्षों के लंबे इंतजार, संघर्ष और डर के बाद जब बच्चे की किलकारी गूंजी, तो दंपत्ति की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
भावुक नरेश और सरोज ने जिला अस्पताल की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। अस्पताल के बेहतर प्रबंधन और डॉक्टरों के समर्पण ने उन्हें यह सुख दिया है। यह सफलता स्वास्थ्य विभाग के प्रति आम जनता के विश्वास को और मजबूत करती है। सिविल सर्जन के निर्देश डॉ.राजकुमार ऋषीश्वर टीम में डॉ रुचि राणा स्टाफ दीपक कुशवाह अलका गिर्राज वार्ड बाय सुरेखा
