नई दिल्ली। लोकसभा में बजट सत्र के दौरान बुधवार को एक बार फिर तीखा हंगामा देखने को मिला। प्रश्नकाल और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए। हालात उस समय और बिगड़ गए, जब कुछ सांसदों ने लोकसभा स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज उछाल दिए। इस घटनाक्रम के बाद सदन की गरिमा भंग होने का हवाला देते हुए स्पीकर ने कड़ा रुख अपनाया और विपक्ष के आठ सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में चीन से जुड़े मुद्दे को उठाया, जिस पर सत्ता पक्ष ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई। स्पीकर ने राहुल गांधी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सीमित चर्चा करने का अनुरोध किया, लेकिन राहुल गांधी अपने मुद्दे पर अड़े रहे। इसके चलते सदन में नारेबाजी तेज हो गई और कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा।
स्थगन के बाद जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो विपक्षी सांसदों का विरोध जारी रहा। लगातार शोर-शराबे और व्यवधान के बीच सदन का संचालन मुश्किल हो गया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए स्पीकर ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए विपक्ष के आठ सांसदों को सस्पेंड करने का फैसला लिया।
निलंबित किए गए सांसदों में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हैं। इनमें गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, मणिक्कम टैगोर, हिबी ईडन, प्रशांत पोडोले, एस. वेंकटेश्वरन, किरण रेड्डी और जिन कुरियोकोज के नाम प्रमुख हैं।
सत्ता पक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को संसदीय मर्यादा के खिलाफ बताते हुए विपक्ष के रवैये की कड़ी आलोचना की। वहीं विपक्ष ने निलंबन की कार्रवाई को लोकतांत्रिक आवाज दबाने का प्रयास करार दिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। भारी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।